दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य स्थित पावटा कस्बे में आज तक स्थाई बस स्टैंड का निर्माण नहीं होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को बसों का इंतजार सड़क किनारे खुले स्थानों पर खड़े होकर करना पड़ता है, जिससे असुविधा के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

नगरपालिका पावटा-प्रागपुरा के अंतर्गत आने वाला यह कस्बा शहरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के बावजूद यहां यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। बस स्टैंड नहीं होने के कारण यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था, छाया के लिए शेड, पीने के पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। गर्मी, बरसात और सर्दी के मौसम में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे महिलाएं, विद्यार्थी और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता बलवंत मीणा ने बताया कि पूर्व में मुख्य बाजार की ओर सुभाष चौक जाने वाले मार्ग पर बसों का ठहराव होता था, लेकिन पुलिया निर्माण के बाद धीरे-धीरे बसों का रुकना बंद हो गया और अधिकांश बसें सीधे पुलिया से होकर निकलने लगीं। वर्तमान में यात्री हाईवे पुलिया के आसपास इधर-उधर खड़े होकर बसों का इंतजार करते नजर आते हैं।
उन्होंने बताया कि कई बार सरकारी और निजी बस चालक मनमर्जी से कहीं भी बसें रोक देते हैं, यहां तक कि कई बार बीच सड़क पर ही बस रोककर सवारियां चढ़ा-उतार देते हैं। इससे ट्रैफिक अव्यवस्थित हो जाता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पावटा कस्बे में शीघ्र सुरक्षित एवं सुविधाजनक बस स्टैंड का निर्माण कराया जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और यातायात व्यवस्था भी सुचारु हो सके।



