कोटपूतली–बहरोड़ (राजेश कुमार हाडिया) जिले की बहरोड़ थाना पुलिस ने रीट परीक्षा 2021 में फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए मूल अभ्यर्थी को परीक्षा पास करवाने में मदद करने वाले ₹5 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अहम उपलब्धि मानी जा रही है।

पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर 2021 को राव पीयूष सिंह कॉलेज, जखराना में आयोजित रीट परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। तत्कालीन केंद्राधीक्षक एवं कॉलेज प्राचार्य डॉ. लोकेश कुमार यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि परीक्षा के दौरान एक ही रोल नंबर व पहचान पत्र पर दो अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में पहुंचे। जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी पहले से कक्ष में बैठा था, जबकि दूसरा अभ्यर्थी डमी परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देने पहुंचा।
वीक्षक द्वारा सतर्कता दिखाते हुए दोनों की पहचान जांची गई, जिस पर फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। मौके पर एक अभ्यर्थी के भागने के प्रयास को भी विफल कर दिया गया। इसके बाद बहरोड़ थाने में प्रकरण संख्या 784/2021 के तहत आईपीसी की गंभीर धाराओं एवं राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मूल अभ्यर्थी राहुल सिंह तथा डमी परीक्षार्थी सौरभ सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं इस पूरे षड्यंत्र में शामिल आरोपी ऋषिपाल सिंह फरार चल रहा था। गिरफ्तारी नहीं होने पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर ₹5 हजार का इनाम घोषित किया गया।
लगातार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर बहरोड़ थाना पुलिस ने आरोपी ऋषिपाल सिंह (45), निवासी अलीगढ़ (उत्तरप्रदेश), हाल निवासी मथुरा को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने परीक्षा में फर्जीवाड़े की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी।
पुलिस ने बताया कि मामले में पहले ही सौरभ सिंह, राहुल सिंह एवं विजय सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष कड़ियों को जोड़ने के लिए अनुसंधान जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।



