प्रागपुरा कस्बे के प्राचीन नृसिंह मंदिर में गुरूवार को आगामी भव्य हिंदू सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित हुई। महंत मणिराम दास महाराज के सानिध्य में हुई इस बैठक में विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत 11 फरवरी को प्रागपुरा में प्रस्तावित सम्मेलन के आयोजन, कार्यक्रमों और प्रबंधन पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष बजरंग लाल चौधरी ने की। यह बैठक समिति की तृतीय बैठक रही, जिसमें प्रागपुरा कस्बे के साथ मांजूकोट, कुनेड़, भूरी-भड़ाज और किराडोद का संयुक्त सम्मेलन प्रागपुरा सुभाष चौक पर आयोजित करने पर सहमति बनी। सम्मेलन से पूर्व कलश यात्रा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बाइक रैली निकाली जाएगी।

महंत मणिराम दास महाराज ने कहा कि यह सम्मेलन केवल आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण, समन्वय और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा हिंदू समाज जब एक साथ खड़ा होता है तो वह केवल आयोजन नहीं, अपितु सामाजिक शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देता है। हमें भावी पीढ़ी को अपनी परंपरा और मूल्य सौंपने का दायित्व निभाना होगा। समिति सचिव रतिपाल सिंह ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियों को लेकर गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा हिंदू सम्मेलन समाज की भागीदारी से सफल होगा। हमारा उद्देश्य हर गांव, हर घर और हर वर्ग तक सहयोग और सहभागिता का संदेश पहुंचाना है।
समिति सदस्य मिंटू शर्मा ने कहा कि युवाओं में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा बाइक रैली और कलश यात्रा में युवा वर्ग की भूमिका विशेष रहेगी। सम्मेलन का उद्देश्य सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। बैठक में समिति उपाध्यक्ष ललित गोयल, कोषाध्यक्ष रामनिवास सैनी, भूरी-भड़ाज प्रशासक कैलाश चंद स्वामी, पुरुषोत्तम कृष्ण मिश्रा, राजेन्द्र कुमार वशिष्ठ, मदन लाल, महेश सैनी, बाबूलाल सैनी, प्रमोद शर्मा, गोपाल सैनी, मोनू जांगिड, सरोज यादव, अपर्णा अग्रवाल सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।



