राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आगामी 07 फरवरी को आयोजित होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बुधवार को कस्बे में भव्य कलश यात्रा, भूमि पूजन एवं धर्मध्वजारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर सहित ग्रामीण अंचल में उत्साह और धार्मिक वातावरण देखने को मिला।

कलश यात्रा माँ भारती की शोभायात्रा के साथ रामलीला मैदान स्थित शिशु वाटिका से प्रारंभ हुई, जो कस्बे के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए आदर्श विद्या मंदिर पहुँची। यहां संघ के क्षेत्रीय प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन, आयोजन समिति के पावटा खण्ड अध्यक्ष गोपाल मंगल, मण्डल अध्यक्ष डॉ. जयराम यादव सहित अन्य प्रमुखजनों ने मंत्रोच्चारण के साथ भूमि पूजन कर धर्मध्वजारोपण किया।

इस अवसर पर संघ के क्षेत्रीय प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन ने संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दू धर्म कोई संकीर्ण पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को संतुलन, संस्कार और सेवा भाव से जीने की एक समग्र कला है। उन्होंने कहा कि विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए आज हिन्दू समाज का एकजुट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भारत एक शरीर है तो हिन्दू उसकी आत्मा है, और यह संबंध सनातन काल से चला आ रहा है।

हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के सचिव सुनील पंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 07 फरवरी को दोपहर 12 बजे आदर्श विद्या मंदिर परिसर में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में संत समागम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह, बाइक रैली, भगवा रैली सहित अनेक कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, तथा मंडल के प्रत्येक गांव में टोली बनाकर घर-घर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
आयोजन समिति के उपाध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि सम्मेलन में क्षेत्र के सभी संत-महात्माओं सहित हजारों की संख्या में हिन्दू समाज के लोग भाग लेंगे। भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं का सुनियोजित बंटवारा कर दिया गया है, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित और सफल रहे।
कार्यक्रम में पुरुषोत्तम कृष्ण मिश्रा, अशोक कुमार पारीक, सीताराम भार्गव, मनीष सैन, महेश थानेदार, डॉ. विवेक शर्मा, महेश पारीक, गोपाल अग्रवाल, राहुल गोयल, नवनीत गौड़, रघु मिश्रा, गोवर्धन प्रजापत, शंकर पाकोजरा, अंकित गौड़, भविष्य शर्मा, तनुज, रुद्रांश, रामसिंह, शीशराम, मनोज टांक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।



