जिले के प्रागपुरा कस्बे के सुभाष चौक पर बुधवार को संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन नृसिंह मंदिर के महंत श्री श्री 1008 श्री मणिदासजी महाराज के मुख्य आतिथ्य एवं झीड़ाका बालाजी धाम के महंत श्री सोहनलाल शर्मा की अध्यक्षता में उत्साह और भव्यता के साथ किया गया।

समिति सचिव रतिपाल सिंह शेखावत ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं द्वारा श्री नृसिंह मंदिर से डीजे के साथ मंगल कलश यात्रा निकालकर किया गया। यह कलश यात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए सुभाष चौक पहुंची, जहां सभा के रूप में परिवर्तित हो गई। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।

विशिष्ट अतिथियों में ब्रह्माजोड़ी धाम के महंत श्री हरिदासजी महाराज ने ‘पंच परिवर्तन’ के विषय पर समाज को जागरूक होने का आह्वान किया। वहीं प्रागपुरा गढ़ी मंदिर के महंत श्री परशुराम दासजी महाराज एवं श्री रघुवर दासजी महाराज ने भी आशीर्वचन प्रदान किए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए महंत श्री सोहनलाल शर्मा ने कहा कि हिंदू संस्कृति सनातन काल से ही विश्व को मानव कल्याण का मार्ग दिखाती रही है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा अत्यंत प्राचीन है और हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करते हुए इस गौरव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए।

इस अवसर पर मातृशक्ति के रूप में सरोज यादव व अर्पणा अग्रवाल ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत गौसेवा प्रमुख (प्रचारक) मोहन सिंह ने ‘पंच परिवर्तन’ के पांच विषय—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक दायित्व, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वभाव बोध—पर ओजस्वी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन ललित गोयल ने किया तथा समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

इस दौरान पूर्व सरपंच एलन स्वामी, समिति अध्यक्ष बजरंग लाल बंसल, सचिव रतिपाल सिंह शेखावत, उपाध्यक्ष पूर्व जिला पार्षद ललित गोयल, कोषाध्यक्ष रामनिवास सैनी, जशवंत, प्रमोद शर्मा, मुकेश सोनी, राजेश जांगिड़, सतीश पारिक, राजेन्द्र वशिष्ठ, मिंटू शर्मा, मोनू जांगिड़, अजित यादव, शंकर पारीक, महेश सैनी, रामसिंह धनकड़, मोहन सिंह, राधेश्याम जांगिड़, नरेश स्वामी, मदन लाल सैनी, पप्पू स्वामी, राजू जांगिड़, मनोज शर्मा, उमेश कुमावत, अजय पारीक, मंगल यादव, जेपी यादव, चौथमल स्वामी, अमित सिंह चौहान, घनश्याम मेहरा, मोती स्वामी, शोयराम वर्मा, सुभाष कुमावत, करण मेहरा, मनोज खंडेलवाल, सुवालाल सैनी, छाजुराम जाट, हनुमान कारीगर, छोटूलाल सैन, धर्मपाल यादव, राजेन्द्र स्वामी, मातादीन मेहरा, श्याम सुंदर वशिष्ठ, अशोक पारीक, पुरूषोत्तम मिश्रा, मुकेश सैनी, नवनीत गोड़, मनीष सैन, उमेश चंद, राजू धानका, रघु मिश्रा, जोगेन्द्र सिंह, रामसिंह सैनी, केशव स्वामी, प्रकाश यादव, राहुल सैनी, टेशु गोयल, अंकीत सैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



