उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा 11 फरवरी को विधानसभा में प्रस्तुत राजस्थान बजट में राज्य कर्मचारी, संविदा एवं मानदेय कर्मियों के हितों की अनदेखी के विरोध में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर प्रदेशभर में कर्मचारियों ने तीखा प्रदर्शन किया। 41 जिला मुख्यालयों पर आक्रोशित कर्मचारियों ने बजट प्रतियों की होली जलाकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा एवं महामंत्री महावीर सिहाग ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को बजट घोषणाओं के नाम पर केवल समितियों के जाल में उलझा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्षों के कार्यकाल में सरकार ने कर्मचारी महासंघ से एक बार भी द्विपक्षीय वार्ता नहीं की, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
कोटपूतली-बहरोड़ जिला संयोजक बाबूलाल गुर्जर ने कहा कि पिछली बजट घोषणा के बावजूद कर्मचारियों का कैडर पुनर्गठन नहीं किया गया। इस बार पदोन्नति एवं वेतन विसंगतियों को दूर करने के नाम पर समिति गठन की घोषणा कर मांगों को टालने का प्रयास किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लाखों संविदा एवं मानदेय कर्मियों के बारे में बजट में एक शब्द भी नहीं कहा गया, जो सरकार की असंवेदनशीलता दर्शाता है।
महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार महासंघ के सात संकल्पों पर द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से समाधान नहीं करती है, तो बजट सत्र के दौरान बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जिले में कलेक्ट्रेट परिसर पर जिला संयोजक बाबूलाल गुर्जर के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए बजट की प्रतियां जलाईं और राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान रामूतर गुर्जर, दिनेश शर्मा, प्रकाश गुर्जर, भीम सिंह, महेश, सतपाल, प्रताप सिंह सैनी, बुधराम कसाना, मुकुल, महेश मीणा, सतपाल बैंसला, परमानंद कुम्हार, लालाराम, सुभाष मुक्कड़, मनोज मीणा, रमेश मीणा, सांझाराम, अरविंद मीणा, रामकुंवर यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।



