कोटपूतली-बहरोड़ जिले के ग्राम रामसिंहपुरा स्थित हरिहर उदासीन आश्रम में ब्रह्मलीन महंत घनश्याम दास महाराज की पावन तपोस्थली पर आयोजित शिव महापुराण कथा का मंगलवार को विधि-विधानपूर्वक समापन हो गया। समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन की पूर्णाहुति दी गई और वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कथा का आयोजन महंत सर्वज्ञ मुनि महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। पूर्णाहुति के पश्चात संत-महात्माओं ने श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए शिव भक्ति को जीवन का आधार बताया।

नई दिल्ली बड़ा अखाड़ा हरिहर उदासीन आश्रम के पीठाधीश्वर सुयज्ञ मुनि महाराज ने कहा कि शिव महापुराण मनुष्य को शांति, संयम और आत्मिक संतुलन की प्रेरणा देता है। वहीं पलवल से पधारे महामंडलेश्वर जगदीश दास महाराज ने शिव आराधना को सामाजिक एकता, करुणा और सद्भाव का मूल आधार बताया।

कार्यक्रम में पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन के मुखिया महंत रामनोमी दास महाराज, पंजाब से कमल दास, महंत सतपाल दास महाराज, गोपालपुरा से महामंडलेश्वर रघुवंश दास महाराज और लालाराम भगत सहित अनेक संतों ने आशीर्वचन प्रदान किए।
कथा समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में पूर्व गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, भाजपा नेता शंकर लाल कसाना और आजाद मान सहित अनेक गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर आयोजन की सराहना की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर भक्तिरस में सराबोर रहा और शिव भक्ति की गूंज देर तक वातावरण में सुनाई देती रही।


