पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। पावटा बार एसोसिएशन की ओर से जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह एवं विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़ को ज्ञापन सौंपकर उपखण्ड पावटा में सिविल न्यायालय में स्थाई न्यायिक अधिकारी की तैनाती, एडीजे कैम्प कोर्ट प्रारंभ करने, जिला कोटपूतली-बहरोड़ में स्थाई राजस्व अपील अधिकारी (RAA) नियुक्त करने तथा तहसील कार्यालय में जमे भ्रष्ट कर्मचारियों के स्थानांतरण सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट रामनिवास यादव ने कहा कि पावटा उपखण्ड में सिविल व फौजदारी मुकदमों की संख्या कोटपूतली मुख्यालय के बराबर होने के बावजूद यहां स्थाई न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति नहीं है, जिससे आमजन को समय पर न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के बाद भी उच्च न्यायालय की ओर से स्थाई न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई और न ही एडीजे कोर्ट के लिए बजट में स्वीकृति मिली है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिला कोटपूतली-बहरोड़ में राजस्व अपील अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण काश्तकारों को अपील के लिए जयपुर जाना पड़ता है जिससे समय व धन दोनों का नुकसान होता है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तहसील कार्यालय पावटा में 4–5 वर्षों से जमे तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व कर्मचारी आमजन एवं काश्तकारों से दान-पत्र, विक्रय-पत्र, नामांतरण, भूखण्ड परिवर्तन एवं अन्य दस्तावेज़ों में 5,000 से 10,000 रुपये तक अवैध वसूली करते हैं तथा गरीब काश्तकारों के दस्तावेज़ रोककर नगरपालिका एनओसी के नाम पर शोषण किया जाता है। ज्ञापन में कहा गया कि कार्यालय में जमे अधिकारी व कर्मचारी अभद्र व्यवहार कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, ऐसे में उनका स्थानांतरण जनहित में आवश्यक है।
बार एसोसिएशन द्वारा प्रमुख मांगों में पावटा में स्थाई सिविल न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति, उपखण्ड पावटा में एडीजे कैम्प कोर्ट प्रारंभ कर आगामी बजट में स्थाई एडीजे कोर्ट स्वीकृत करने, जिला कोटपूतली-बहरोड़ में स्थाई रूप से राजस्व अपील अधिकारी नियुक्त करने, तहसील कार्यालय से भ्रष्ट एवं जमे हुए कर्मचारियों व अधिकारियों का स्थानांतरण करने, अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने एवं अधिवक्ताओं को टोल टैक्स मुक्त करने जैसी मांगे शामिल हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि न्यायिक सेवाओं की कमी और राजस्व तंत्र की मनमानी से ग्रामीण, काश्तकार एवं निम्न वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि पावटा बार एसोसिएशन में पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश सैनी, उपाध्यक्ष राजेश कुमार, सचिव सुरेन्द्र सिंह तथा कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार यादव सहित अनेक अधिवक्ता सक्रिय रूप से क्षेत्र में बेहतर न्यायिक व्यवस्था एवं पारदर्शी राजस्व तंत्र की मांग उठाते रहे हैं। इन अधिवक्ताओं का मानना है कि पावटा उपखण्ड का दायरा बढ़ने और मुकदमों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी न्यायिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।



