होली का पर्व जहां प्रेम, सौहार्द और उमंग का प्रतीक है, वहीं यह हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का भी बोध कराता है। इसी भावना के साथ माधव विद्यापीठ, कोटपूतली में होली को ‘ग्रीन होली’ के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण अभियान से हुई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर बच्चों को समझाया गया कि वृक्ष न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय व्यवस्थापक रमेश सवाईका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के बीच पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि रासायनिक रंगों से त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ जल और मिट्टी भी प्रदूषित होती है। इसलिए प्राकृतिक और जैविक रंगों से होली मनाना ही सच्चे अर्थों में त्योहार की खुशियों को सार्थक बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को स्वच्छता, हरित जीवनशैली और पर्यावरण सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे विद्यालय में लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे तथा अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक पौधे लगाकर समाज को जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर अंजलि सवाईका, पूनम टेलर, काजल सोनी, नवीन आर्य, करण सवाईका सहित समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर ग्रीन होली मनाते हुए प्रकृति संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दिया।



