पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। उपखंड क्षेत्र के टसकोला गिरदावर सर्किल में आयोजित गुरूवार को ग्राम उत्थान शिविर के दौरान एक प्रेरक सफलता की कहानी सामने आई, जिसने वर्षा जल संरक्षण और कृषि विभाग की योजनाओं की उपयोगिता को जीवंत कर दिया।

ग्राम भोनावास निवासी किसान प्रभु दयाल पुत्र देडाराम रैगर ने बताया कि उनके गांव में पानी की गंभीर समस्या रहती है और उनकी आय का एकमात्र स्रोत खेती ही है। पहले वे केवल खरीफ सीजन में बाजरे की फसल ले पाते थे, जिससे सीमित आमदनी होती थी। पानी की कमी के कारण रबी फसल लेना संभव नहीं था।

प्रभु दयाल ने बताया, कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क करने पर मुझे वर्षा जल संरक्षण के लिए खेत तलाई योजना की जानकारी मिली। उनके मार्गदर्शन में मैंने आवेदन किया और विभाग के निर्देशानुसार खेत तलाई का निर्माण कराया, जिस पर मुझे ₹1,05,000 का अनुदान मिला।

खेत तलाई बनने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। अब वे वर्षा जल को संरक्षित कर करीब 1 हेक्टेयर भूमि में सालभर खेती कर पा रहे हैं। रबी सीजन में गेहूं, सरसों, जौ और सब्जियों की खेती से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रभु दयाल कहते हैं, खेत तलाई ने मेरी खेती को नया जीवन दिया है। अब पानी की चिंता कम हो गई है और मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। इसका पूरा श्रेय कृषि विभाग को जाता है।
यह उदाहरण दर्शाता है कि यदि किसान विभागीय योजनाओं की जानकारी लेकर सही दिशा में कदम बढ़ाएं, तो सीमित संसाधनों में भी खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।



