बहरोड़ के पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को स्पोर्ट्स किट खरीद प्रकरण में गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया। लंबी बहस के बाद अदालत ने उन्हें 7 फरवरी तक तीन दिन की रिमांड पर ईडी को सौंप दिया।

यह कार्रवाई कथित रूप से विधायक निधि से सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री खरीद में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई है। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ले जाते समय बलजीत यादव ने कहा, मैं कलयुग का अभिमन्यु हूं, सच के साथ बाहर निकलूंगा।
कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान बलजीत यादव ने बहरोड़ विधायक डॉ. जसवंत यादव पर उन्हें साजिशन फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और राजनीतिक द्वेष के चलते यह कार्रवाई करवाई गई है। साथ ही यह भी कहा कि विधायक की भूमिका केवल अनुशंसा तक सीमित होती है, खरीद प्रक्रिया में उनका प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता। उन्होंने कानून पर भरोसा जताते हुए कहा कि अंततः “सत्यमेव जयते” होगा।
दोनों नेताओं के बीच पहले भी कई बार आरोप-प्रत्यारोप हो चुके हैं। अक्टूबर 2024 में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच झड़प की घटना भी सामने आई थी।
याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता भानूप्रकाश शर्मा ने बताया कि अदालत के समक्ष दो मुख्य प्रश्न थे—गिरफ्तारी की वैधता और ईडी द्वारा मांगी गई छह दिन की रिमांड। बचाव पक्ष का तर्क था कि समन मिलने पर बलजीत यादव पूर्व में उपस्थित होते रहे हैं, इसके बावजूद गिरफ्तारी की गई।
वहीं ईडी की ओर से अधिवक्ता अपेक्षा तिवाड़ी ने कहा कि वर्ष 2025 में आरोपी को तीन बार समन जारी किए गए, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीन दिन की रिमांड स्वीकृत की।
जांच का केंद्र वर्ष 2021 में अलवर जिले के 32 सरकारी स्कूलों में क्रिकेट किट, बैडमिंटन किट और अन्य खेल सामग्री की खरीद है। आरोप है कि बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर सामग्री खरीदी गई। इससे पहले जनवरी 2025 में ईडी ने बलजीत यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
बलजीत यादव वर्ष 2018 में बहरोड़ से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार उजागर करने पर 51 हजार रुपए इनाम की घोषणा की थी। मार्च 2022 में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के विरोध में उन्होंने जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले वस्त्र पहन दिनभर दौड़ लगाकर भी ध्यान आकर्षित किया था। उस समय उनकी तबीयत को देखते हुए एंबुलेंस तैनात की गई थी और कई जनप्रतिनिधि उन्हें मनाने पहुंचे थे।
फिलहाल ईडी रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ जारी है, जिसके बाद 7 फरवरी को उन्हें पुनः अदालत में पेश किया जाएगा।


