पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। प्रागपुरा थाना इलाके में रविवार रात करीब 08:30 बजे जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 पर यूनिस्टार टॉवर के सामने पैराफिन केमिकल से भरे टैंकर और ट्रेलर की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि टैंकर पलटते ही पैराफिन केमिकल का रिसाव शुरू हो गया और तेज घर्षण के चलते अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरे टैंकर को अपनी चपेट में ले लिया और हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें काफी दूरी तक दिखाई दे रही थीं और सड़क पर फैले पैराफिन केमिकल ने आग को और भी भयावह बना दिया। हादसे के बाद हाइवे दोनों दिशाओं में जाम हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही प्रागपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, वहीं प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया ताकि जनहानि या द्वितीयक हादसा न हो।

हादसे की सूचना पर पावटा, कोटपूतली, बहरोड़, शाहपुरा तथा ग्रासिम सीमेंट प्लांट की छह दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए, बढ़ती आगजनी के मद्देनजर जयपुर से अतिरिक्त दमकल भी बुलाई गई। आग की तीव्रता के कारण सड़क के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन भी प्रभावित हुई, जिसे तत्काल बंद किया गया।

टैंकर चालक सरोज पाल पुत्र केदार पाल निवासी उत्तर प्रदेश ने बताया कि वह वाहन संख्या HR-58 C-2670 को गुजरात के मुद्रा पोर्ट से उत्तराखंड के काशीपुर ले जा रहा था। पावटा कस्बे में पहुंचते ही टैंकर का टायर फट गया जिससे वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में पहुंच गया, जहां सामने से आ रहे ट्रेलर से जोरदार भिड़ंत हो गई। चालक ने बताया कि वह लगातार वाहन को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पलटते ही उसने जान बचाने के लिए छलांग लगा दी।

राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। मौके पर पहुंचे प्रागपुरा थाना प्रभारी भजना राम ने स्वयं स्थिति की कमान संभाली। उन्होंने हाईवे पर सुरक्षा घेरा बनवाया, ट्रैफिक कंट्रोल किया और भीड़ को पीछे हटाते हुए दमकल को राहत और बुझाने के कार्य के लिए सुरक्षित जोन उपलब्ध कराया। भजना राम की सूझबूझ व त्वरित कार्रवाई से संभावित धमाके, आग के फैलाव और जनहानि की आशंका टल गई, साथ ही चालक को सुरक्षित निकालना भी संभव हो पाया।

हादसे के कुछ देर बाद जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी और एसपी देवेंद्र कुमार विश्नोई भी घटनास्थल पहुंचे और मुआयना करते हुए बताया कि आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है तथा क्रेन की सहायता से टैंकर व ट्रेलर को हाइवे से हटाने का काम शुरू किया गया है। प्रशासन ने ट्रैफिक को एक लेन और सर्विस रोड से सुचारू करना शुरू किया।

हादसे के समय टैंकर में करीब 23 हजार लीटर पैराफिन केमिकल था, जिसमें से लगभग 13 हजार लीटर बह गया और बाकी 10 हजार लीटर सुरक्षित रहा। टैंकर में पांच पार्टीशन बने थे और पलटते ही सभी में रिसाव हुआ। रात करीब 12:30 बजे हाईवे दोनों दिशाओं में सामान्य किया जा सका।

पावटा एसडीएम डॉ. साधना शर्मा, कोटपूतली एसडीएम रामवतार चौधरी, विराटनगर डिप्टी उमेश निठारवाल, कोटपूतली डिप्टी राजेंद्र बुरड़क भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
इस दुर्घटना ने स्थानीय लोगों को 04 फरवरी 2000 में पावटा स्टैंड पर हुए गैस टैंकर विस्फोट और 2025 में दूदू के पास हुए सिलेंडर हादसे की याद दिला दी। फिलहाल प्रशासन ने हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही और रासायनिक पदार्थ परिवहन पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।



