कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर क्षेत्र में एक युवक द्वारा खुद को यूपीएससी परीक्षा में चयनित आईएएस बताने का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नांगल भावसिंह गांव निवासी निशांत कुमार ने हाल ही में घोषित यूपीएससी-2025 के परिणाम में 899वीं रैंक आने का दावा किया था, जिसके बाद गांव में जश्न का माहौल बन गया और लोगों ने उसे बधाइयों से सराबोर कर दिया।

युवक के इस दावे के बाद ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटी, स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए और जनप्रतिनिधियों ने भी उसे सम्मानित किया। निशांत कुमार ने सार्वजनिक मंचों पर अपनी सफलता की कहानी सुनाते हुए युवाओं को प्रेरित भी किया।
हालांकि, बाद में जांच में यह सामने आया कि जिस रैंक और रोल नंबर के आधार पर युवक ने दावा किया था, वह किसी अन्य अभ्यर्थी का है। तकनीकी जांच में एडमिट कार्ड और वास्तविक रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक ने परिणाम घोषित होने के बाद दस्तावेजों में हेरफेर कर खुद को सफल अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तुत किया। यहां तक कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी छवि मजबूत करने का प्रयास भी किया गया।
मामला उजागर होने के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। वहीं, असली अभ्यर्थी द्वारा नाम के दुरुपयोग को लेकर कार्रवाई करने की बात सामने आई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई संभव है। प्रशासन भी पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
इस घटना ने युवाओं के बीच गलत संदेश देने की कोशिश और समाज में झूठी उपलब्धियों के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सत्यता और पारदर्शिता बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार के भ्रामक दावे से बचें।



