राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश किए गए बजट पर विपक्षी नेताओं और छात्र संगठन एनएसयूआई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के प्रदेश सचिव मनोज स्वामी और कांग्रेस नेता ओपी बायला ने बजट को युवाओं और प्रदेश हितों की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाला बताया है।

एनएसयूआई प्रदेश सचिव मनोज स्वामी ने कहा कि यह बजट युवाओं, छात्रों और आम जनता की उम्मीदों को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को लेकर घोषणाएं तो की गई हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन और जमीनी प्रभाव को लेकर स्पष्टता नहीं है।

स्वामी ने सरकार से बजट प्रावधानों का डेटा और कार्यान्वयन योजना सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि युवाओं को वास्तविक लाभ की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के स्वावलंबन, रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस कदमों का अभाव दिखाई देता है, जिससे युवा वर्ग में निराशा है।
वहीं कांग्रेस नेता ओपी बायला ने बजट को प्रदेश के मूल मुद्दों से भटका हुआ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुना जल समझौते में राजस्थान के हितों की अनदेखी की गई है, जिसका असर किसानों और आमजन पर पड़ेगा। बायला ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल जैसी महत्वपूर्ण योजना को “राष्ट्रीय परियोजना” घोषित कराने में भाजपा की डबल इंजन सरकार विफल रही है।
ओपी बायला ने यह भी कहा कि युवाओं के स्वावलंबन को लेकर सरकार की घोषणाओं पर भरोसा करना कठिन है, क्योंकि पूर्व में की गई घोषणाओं का आंकड़ा तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता बरतने और प्रदेश हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।



