दिल्ली-जयपुर मार्ग स्थित प्रागपुरा थाना क्षेत्र एवं पावटा उपखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 एक बार फिर हादसों का गवाह बना। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे लाडाकाबास के पास राजस्थान रोडवेज की जयपुर डिपो की बस और ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। गौरतलब है कि इससे महज तीन दिन पहले इसी हाईवे पर पावटा के समीप एक स्लीपर कोच बस पलटने की बड़ी घटना भी सामने आई थी।

मंगलवार को हुए हादसे में बस संख्या RJ 14 PF 9709 ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का कंडक्टर साइड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर प्रागपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस व निजी वाहनों से पावटा उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया।

बस में करीब 58 यात्री सवार थे, जिनमें से 5 से 7 यात्रियों को ज्यादा चोटें आईं, जबकि करीब एक दर्जन घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। कुछ गंभीर घायलों को जयपुर के लिए रवाना किया गया। नेपाल निवासी घायल यात्री गगन और सपना ने आरोप लगाया कि बस तेज गति से चल रही थी, जबकि परिचालक कानाराम मीणा ने ट्रक चालक की लापरवाही को हादसे का कारण बताया।

वहीं, इससे पहले शनिवार शाम को पावटा कस्बे के पास चूना फैक्ट्री के समीप एक स्लीपर कोच बस का टायर फटने से बड़ा हादसा हो गया था। दिल्ली से खाटूश्यामजी जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। इस हादसे में करीब 58 यात्री घायल हुए थे, जिनमें दो को गंभीर अवस्था में रेफर किया गया था।

दोनों घटनाओं ने हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार के खतरों को उजागर कर दिया है। लगातार हो रहे हादसों से आमजन में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सख्त निगरानी, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने दोनों ही मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को सहायता पहुंचाई और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सुचारू करवाया। फिलहाल, इन लगातार हादसों के बाद हाईवे सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है।



