जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर पावटा कस्बे के पास चूना फैक्टरी के समीप शनिवार शाम करीब 4:48 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी स्लीपर कोच बस का अचानक टायर फट गया, जिससे बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर में लगे नीम के पेड़ से टकराई और चार स्ट्रीट लाइट पोल तोड़ते हुए दिल्ली-जयपुर रोड पर पलट गई।

हादसे के दौरान बस का डीजल टैंक फटने से सड़क पर डीजल और कांच के टुकड़े फैल गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी। दुर्घटना स्थल राजकीय उपजिला अस्पताल पावटा से करीब 250 मीटर दूर बताया जा रहा है।

प्रागपुरा थानाधिकारी भजनाराम सूचना मिलते ही पुलिस जाप्ते के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल राजकीय उपजिला अस्पताल पावटा भिजवाया। साथ ही पुलिसकर्मियों ने सड़क पर फैले कांच के टुकड़ों को हटवाया और दमकल की मदद से सड़क पर पानी का छिड़काव कर डीजल को साफ करवाकर यातायात को सामान्य कराया।

घटना की जानकारी मिलते ही पावटा उपखंड अधिकारी डॉ. साधना शर्मा भी मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। बाद में वे अस्पताल पहुंचकर घायलों के हालचाल भी जाने। उन्होंने बताया कि दिल्ली के ब्रदरपुर से चली बस (HR 38 AE 1466) जोबनेर स्थित ज्वाला माता मंदिर से श्रद्धालुओं को लेकर खाटूश्यामजी जा रही थी, तभी पावटा के पास टायर फटने से हादसा हो गया। उन्होंने प्रशासन की ओर से घायलों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

वहीं राजकीय उपजिला अस्पताल पावटा के पीएमओ एवं मुख्य चिकित्सक डॉ. रवि बंसल ने बताया कि हादसे में करीब 58 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। अधिकांश घायलों को हल्की चोटें आई हैं, जबकि दो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए कोटपूतली रेफर किया गया है।

अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संतोष वर्मा ने मेडिकल टीम के साथ घायलों का उपचार किया और सभी यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी की। उनके साथ चिकित्सक डॉ. अशोक बाज्या सहित अन्य स्टाफ भी उपचार में जुटा रहा।

हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया। प्रशासन की व्यवस्था के तहत घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद चाय-बिस्किट की व्यवस्था की गई और उन्हें अन्य वाहनों से सुरक्षित दिल्ली के लिए रवाना किया गया।



