कोटपूतली (राजेश कुमार हाडिया)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के तहत मंगलवार को जिलेभर के विद्यालयों में विशेष विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिला एवं सैशन न्यायाधीश रवि शर्मा के निर्देशन में कोटपूतली न्याय क्षेत्र के समस्त न्यायिक अधिकारियों ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए विद्यार्थियों को जागरूक किया।

अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 16 न्यायिक अधिकारियों द्वारा कोटपूतली, बानसूर, बहरोड़ और विराटनगर के राजकीय एवं निजी विद्यालयों में पहुंचकर कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को विधिक अधिकारों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल खतरों के प्रति जागरूक किया गया।

शिविरों के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।
इस अवसर पर प्रत्येक विद्यालय में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से शिकायत एवं सुझाव पेटी भी स्थापित की गई। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की समस्याओं और सुझावों को सीधे न्यायिक अधिकारियों तक पहुंचाना है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे बिना संकोच अपनी समस्याएं या सुझाव इस पेटी में डालें। इन पेटियों का अवलोकन तीन दिवस पश्चात किया जाएगा।
कार्यक्रम में एडीजे राजेश कुमार, एडीजे सुरेश कुमार, सीजेएम डिम्पल जंडेल, एसीजेएम सिमरन कौर, एसीजेएम अजय कुमार बिष्नोई, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा धानियां सहित बहरोड़, बानसूर एवं विराटनगर के न्यायिक अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अभियान के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया, बल्कि उन्हें डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई। यह पहल भविष्य में जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


