एक ओर जहां केंद्र एवं राज्य सरकारें स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण विकास पर करोड़ों रुपये खर्च कर गांवों और शहरों में स्वच्छता का संदेश दे रही हैं, वहीं ग्राम बुचारा की सड़कों और आम रास्तों की बदहाल स्थिति सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है।

ग्रामीणों के अनुसार बुचारा से जुगलपुरा जाने वाला मुख्य मार्ग जगह–जगह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। हल्की बारिश में ही सड़क जलभराव और कीचड़ से पट जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता नरेन्द्र कुमार बाकोलिया ने कहा कि रास्ते में इतना किचड़ जमा हो जाता है कि आमजन पैदल भी नहीं चल सकता। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को रोजाना बड़ी कठिनाई से गुजरना पड़ता है। ये स्थिति स्वच्छ भारत और ग्रामीण विकास की तस्वीर से मेल नहीं खाती।

बाकोलिया ने क्षेत्रीय विधायक हंसराज पटेल से सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि तत्काल सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों के दैनिक जीवन, आवागमन और शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे इस समस्या को लेकर पहले भी जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।



