पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। ब्राह्मण समाज की भामाशाह नर्बदा देवी पत्नी स्व. बिहारी लाल जोशी, निवासी पावटा का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर समूचे ब्राह्मण समाज सहित विभिन्न वर्गों ने गहरा शोक व्यक्त किया।

नर्बदा देवी ने अपने जीवनकाल में निजी आय एवं संपत्ति से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु बालिका विद्यालय भवन का निर्माण करवाया था, जहाँ आज भी अनेक बालिकाएँ निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
समाजजनोंने बताया कि उन्होंने करुणा, परोपकार, सत्यनिष्ठा व धर्मपरायणता को ध्येय बनाकर जीवन जिया तथा कर्म व सेवा को सर्वोपरि रखा। समय-समय पर समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य करते हुए उन्होंने मानवता, निस्वार्थ सेवा और श्रम-समर्पण की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की।
समाज का मानना है कि उनकी स्मृति में स्थापित यह विद्यालय भवन भविष्य में भी पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा और समाज के प्रति उनके आदर्श, समर्पण और त्याग की याद दिलाता रहेगा। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके देवर कैलाश जोशी ने मुखाग्नि दी।
इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि आशीष धनकड़, भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद राठी, समाजसेवी गोपाल अग्रवाल, एडवोकेट कुलदीप पटेल, कैलाश बंसल, गोपाल शर्मा, कमल पटेल सहित समाजजन उपस्थित रहे।
सभी ने नर्बदा देवी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर परमात्मा से उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की। वे अपने पीछे भामाशाह कैलाश चंद शर्मा (देवर) सहित पुत्रवत् स्नेह रखने वाले पवन कुमार शर्मा, नरेंद्र गौड़, लोकेश, नवल, चेतन, अमोल, मयंक, अभिषेक, अरविंद, नवीन, हिमांशु, भव्य व केशव (पौत्र) का भरा-पूरा परिवार छोड़कर गई हैं।



