कोटपूतली (राजेश कुमार हाडिया)। ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग को लेकर जिलेभर के नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं के सफाईकर्मियों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। वाल्मीकि सेना के बैनर तले सैकड़ों सफाईकर्मियों ने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

इस दौरान इन्द्राज गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। सफाईकर्मियों ने वाल्मीकि भवन बड़ाबास से पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचकर धरना दिया। भारी पुलिस जाप्ते के कारण प्रदर्शनकारियों को अंदर नहीं जाने दिया गया, जिसके चलते वे कलेक्ट्रेट गेट पर ही बैठ गए।

बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष इन्द्राज गुर्जर के नेतृत्व में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों द्वारा सफाईकर्मियों का शोषण किया जा रहा है। समय पर वेतन नहीं दिया जाता, पीएफ जमा नहीं कराया जाता और साप्ताहिक अवकाश जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कई महीनों से वेतन बकाया होने के कारण सफाईकर्मियों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

आंदोलन के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम हैं और दुर्गंध से आमजन परेशान हैं।

इन्द्राज गुर्जर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा।

इस पर जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने 10 दिन के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद फिलहाल आंदोलन को स्थगित कर दिया गया।

इस दौरान रामनिवास यादव, प्रकाश चंद सैनी, डॉ. अभिलाष मीणा, हनुमान सैनी, मुनानुदीन कुरैशी, रमेश गुप्ता, जगमाल सिंह यादव, तारा पूतली, प्रदीप कसाना, एडवोकेट सतीश निमोरिया, एडवोकेट अशोक घोघले, अनिल वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और सफाईकर्मी मौजूद रहे।



