पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। स्थानीय कस्बे में सिविल न्यायालय भवन निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटपूतली डिंपल झंडेल एवं सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. अजय कुमार बिश्नोई ने पावटा सिविल न्यायालय भवन हेतु प्रस्तावित भूमि का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान निरीक्षण दल के साथ पावटा बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट रामनिवास यादव सहित अभिभाषक संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।

दोनों न्यायिक अधिकारियों ने स्थल की भौतिक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया तथा वर्तमान परिस्थितियों का मूल्यांकन किया। इस दौरान पावटा अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि न्यायालय भवन हेतु आवंटित भूमि पर अवैध अतिक्रमण लंबे समय से बाधक बना हुआ है, जिसके कारण सिविल न्यायालय भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अवैध अतिक्रमण को अविलंब हटाने और निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाने की मांग रखी।

निरीक्षण के दौरान पावटा बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट रामनिवास यादव ने कहा कि सिविल न्यायालय भवन निर्माण पावटा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों एवं वादकारियों के लिए न्यायिक सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सिविल न्यायालय हेतु आवंटित भूमि पर अतिक्रमण हटवाकर राजस्व अधिकारियों को पाबंद किया जाए तथा विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ शीघ्र भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया जाए। भवन निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूर्व में ही पूर्ण हो चुकी है, ऐसे में निर्माण में अब कोई विलंब उचित नहीं है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय भवन निर्माण से न्यायिक कार्यवाही अधिक सुचारू, सुविधाजनक एवं समयबद्ध होगी, जिससे वादकारियों को राहत मिलेगी और न्याय की पहुँच ग्राम्य क्षेत्रों तक सुदृढ़ होगी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका एवं अभिभाषक समाज का उद्देश्य न्याय वितरण की प्रक्रिया को सरल एवं सुलभ बनाना है, ऐसे में न्यायालय भवन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है।

निरीक्षण के बाद न्यायिक अधिकारियों ने संबंधित राजस्व अधिकारियों के साथ आगे की कार्यवाही को लेकर चर्चा की। स्थानीय अभिभाषकों एवं नागरिकों ने आशा व्यक्त की कि न्यायालय भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू होने से क्षेत्र की न्याय व्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा और वर्षों से लंबित आवश्यकता पूर्ण हो सकेगी।
इस मौके पर तहसीलदार लोकेंद्र मीणा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट रामनिवास यादव, वरिष्ठ पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश सैनी, वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक गोयल, कोषाध्यक्ष मुकेश यादव, सचिव सुरेंद्र शेखावत, उपाध्यक्ष राजेश यादव, धर्मपाल यादव, अनिल यादव सहित अभिभाषकगण उपस्थित रहे।



