अखडेत हनुमान मंदिर प्रांगण में गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच 9 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा वाचन प्रख्यात कथावाचक पंडित तारकेश्वर नाथ तिवारी द्वारा आगामी नौ दिनों तक प्रतिदिन किया जाएगा, जिसमें प्रभु श्रीराम के आदर्श, मर्यादा और जीवन मूल्यों का भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत किया जाएगा।

कथा आरंभ से पूर्व पावटा नगर में विशाल कलश यात्रा निकाली गई। अखडेत हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों और मुख्य बाजारों से होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंची। सिर पर कलश लिए महिलाओं की लंबी कतारें, भगवा ध्वज, भजन-कीर्तन व ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया।
कथा स्थल पर पहुंचकर विधिवत गणेश वंदना की गई। प्रथम दिवस की कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। पंडित तिवारी ने कथा के माध्यम से भक्ति, संस्कार, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा एवं पारिवारिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए श्रीराम के चरित्र को समाज के लिए अनुकरणीय बताया। श्रद्धालु कथा का रसपान करते हुए भावविभोर हो उठे।
आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा प्रतिदिन अखडेत हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित होगी। कथा के दौरान प्रतिदिन आरती, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी होगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती उपस्थिति से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक चेतना एवं उल्लास का विशेष वातावरण बना हुआ है।
स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सांस्कृतिक मूल्यों का संचार करते हैं तथा आपसी सौहार्द, सद्भाव और नैतिकता को भी सुदृढ़ करते हैं। कथा के शुभारंभ पर नगरवासियों में विशेष उत्साह और भक्ति भाव देखने को मिला।


