पावटा ( राजेश कुमार हाडिया)। पावटा में युवा दिवस के अवसर पर खेल व राष्ट्रनिर्माण से जुड़ा एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। देशभर में प्रतिवर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर युवा दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में पावटा क्षेत्र के ग्राम भांकरी निवासी फुटबॉल कोच हर्षवर्धन शर्मा एवं यशवर्धन शर्मा ने युवा वर्ग व खिलाड़ियों को प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं में देश की उन्नति, राष्ट्रनिर्माण व सामाजिक परिवर्तन की अपार संभावनाएँ देखते थे।

दोनों कोचों ने कहा कि विवेकानंद का मानना था कि युवा पीढ़ी में लोहे जैसी मांसपेशियाँ, फौलादी नसें और वज्रतुल्य संकल्प होना चाहिए। उनके विचार में राष्ट्र की सेवा के लिए युवाओं में दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और सजगता का होना अनिवार्य है।

कोच हर्षवर्धन व यशवर्धन शर्मा ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे नशे, मोबाइल की लत और ऑनलाइन गेम्स जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत–हार का माध्यम भर नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना, संयम व स्वस्थ जीवनशैली का आधार हैं, जो युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोचों ने कहा कि आज का युवा ही भारत का भविष्य है। यदि युवा खेल के मैदान से जुड़ा रहेगा, तो वह स्वतः ही नशा, ऑनलाइन गेम्स व अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहेगा। उन्होंने खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे हर प्रतियोगिता में खेल भावना को प्राथमिकता दें, हार–जीत को सहजता से स्वीकार करें और लगन व अनुशासन के साथ आगे बढ़ें।




