प्रागपुरा थाना क्षेत्र एवं पावटा उपखंड के बुचारा गांव में तेंदुए (बघेरे) की मौजूदगी से मंगलवार सुबह हड़कंप मच गया। बालाजी क्रेशर के सामने और मुस्कान एम सेंड क्रेशर के पीछे तेंदुआ बेखौफ अंदाज में टहलता नजर आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हैरानी की बात यह रही कि तेंदुआ शांत और मंद-मस्ती में घूमता दिखाई दे रहा था, वहीं कुछ ग्रामीण उसे बेहद नजदीक से वीडियो बनाते नजर आए, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रही।

वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन में भी हलचल मच गई। सूचना मिलते ही प्रागपुरा थानाधिकारी भजनाराम पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को संभाला। वन विभाग की टीम ने भी तुरंत मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए।

ग्रामीण दिनेश कुमार मेहरड़ा सहित अन्य लोगों ने बताया कि तेंदुआ क्रेशर क्षेत्र में घूमता देखा गया, जिसके बाद लोगों में डर का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से ट्रेंकुलाइज टीम बुलाई गई। वन विभाग की टीम ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाते हुए खेतों में चारों ओर से घेराबंदी की और जाल लगाकर आखिरकार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से काबू कर लिया।

रेस्क्यू टीम ने बताया की तेंदुआ घायल अवस्था में था जिसको वन विभाग की टीम द्वारा वन्यजीव शाला जयपुर मे छोड़ने व प्राथमिक उपचार के लिये भिजवाया गया। वन्य जीव तेंदुआ द्वारा गांव के किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में क्षेत्रीय वन अधिकारी सतपाल ढिलान, सहायक वन संरक्षक तरुण प्रकाश यादव, नाका प्रभारी मीर सिंह, सहायक वन अधिकारी रमजान खान, वनरक्षक अशोक सैनी, कैलाश चंद यादव, संतोष कुमार बाकोलिया सहित वन विभाग की टीम ने अहम भूमिका निभाई।

वहीं ग्रामीणों में राजेंद्र प्रसाद मीणा, दिनेश कुमार मेहरड़ा, मूलचंद राणा, महेंद्र सिंह मीणा, संजीत वर्मा, विनोद वर्मा और योगेश खंडेलवाल का भी विशेष सहयोग रहा। तेंदुआ सुरक्षित पकड़कर वन विभाग की टीम द्वारा वाहन से रवाना कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भविष्य में ऐसे मामलों में सतर्कता बरतें और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


