प्रागपुरा कस्बे में राजमार्ग पर स्थित पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में संविधान के प्रति जनचेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों व भारतीय नागरिकता बोध को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आधुनिक एवं आकर्षक संविधान कक्ष का निर्माण किया गया है। विद्यालय प्रबंधन की इस नवाचारपूर्ण पहल ने विद्यार्थियों में संविधान अध्ययन, चिंतन और संवाद की नई दिशा स्थापित की है।

संविधान कक्ष में भारतीय संविधान की प्रस्तावना, मूल अधिकार, मौलिक कर्तव्य, संविधान सभा समिति सदस्यों, नवीन संसद भवन के भव्य छायाचित्र तथा रीडिंग कॉर्नर की विशेष व्यवस्था की गई है। संविधान व लोकतंत्र से संबंधित प्रमुख पुस्तकों व सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ प्रश्न करने व समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

शनिवार को SMC/SDMC समिति सदस्यों ने संविधान कक्ष का निरीक्षण कर इसकी अवधारणा, साज-सज्जा व उपयोगिता की सराहना की। निरीक्षण में समिति सदस्य लक्ष्मी कंवर, पूनम देवी, सुमन यादव, तारा देवी जांगिड़ एवं सुरेश सैनी उपस्थित रहे।

लक्ष्मी कंवर ने कहा कि विद्यालय ने विद्यार्थियों को संविधान से जोड़ने का जो प्रयास किया है वह दूरदर्शी और प्रभावी है। ऐसे कक्ष से बच्चों में जागरूक नागरिक बनने की भावना मजबूत होती है।

पूनम देवी ने कहा कि संविधान कक्ष भविष्य में बच्चों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा, जहां उन्हें संविधान की गिरफ्त में नहीं बल्कि उसकी आत्मा में प्रवेश का अवसर मिलेगा। यह कक्ष शिक्षण को रोचक और जीवंत बनाता है।
सुरेश सैनी ने कहा कि संविधान कक्ष लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली पहल है। समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव शिक्षण काल से ही विकसित होना चाहिए और यह कक्ष उसी दिशा में बड़ा कदम है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन कुमार मामोडिया ने कहा कि संविधान कक्ष का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को विकसित करना है। विद्यालय छात्रों को अधिकार, कर्तव्य और जिम्मेदारी के साथ संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
संविधान कक्ष प्रभारी रामजीलाल गुर्जर ने बताया कि संविधान कक्ष में प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्य, संविधान सभा समिति चित्र, नए संसद भवन के प्रेरक दृश्य, रीडिंग कॉर्नर व पुस्तकालय सामग्री छात्रों को संविधान व लोकतंत्र की व्यावहारिक समझ प्रदान कर रहे हैं। यह मॉडल अन्य विद्यालयों में भी प्रेरक साबित हो सकता है।
निरीक्षण के बाद सदस्यों ने विद्यालय प्रबंधन और संविधान कक्ष टीम की सराहना करते हुए इसे एक उपयोगी एवं अभिनव प्रयास बताया।



