कोटपूतली-बहरोड़ जिले के प्रागपुरा कस्बे निवासी सीमा सुरक्षा बल (BSF) में मुख्य आरक्षक पद पर जैसलमेर में तैनात जयप्रकाश शर्मा के लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में उनके बड़े भाई प्रमोद कुमार शर्मा ने पुलिस थाना झोटवाड़ा में लिखित आवेदन देकर गुमशुदगी दर्ज करने की मांग की है।

प्रार्थी प्रमोद कुमार शर्मा के अनुसार उनके छोटे भाई जयप्रकाश शर्मा 7 फरवरी 2026 को ड्यूटी से अवकाश लेकर घर आए थे। 17 फरवरी तक उनकी छुट्टी स्वीकृत थी, लेकिन 24 फरवरी 2026 तक वे ड्यूटी पर वापस नहीं पहुंचे। जयप्रकाश का परिवार कुमावत कॉलोनी, झोटवाड़ा में रहता है।

प्रमोद शर्मा ने बताया कि करीब 12 दिन पहले झोटवाड़ा थाने से फोन कर सूचना दी गई कि जयप्रकाश पत्नी से विवाद के बाद घर से चले गए हैं। इसके बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों में तलाश की, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। उनका मोबाइल नंबर भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे परिवार में किसी अनहोनी की आशंका गहराती जा रही है।

प्रमोद शर्मा का आरोप है कि जब वे एक प्रतिनिधिमंडल के साथ गुमशुदगी दर्ज करवाने थाने पहुंचे तो वहां तैनात हेड कांस्टेबल सुरजाराम चौधरी ने रिपोर्ट लिखने के बजाय उनकी एप्लीकेशन फेंक दी और कथित रूप से दुर्व्यवहार करते हुए कहा कि “आपका भाई भगौड़ा है” तथा उन्हें थाने से बाहर जाने को कह दिया।
प्रमोद का कहना है कि उन्होंने क्षेत्रीय विधायक कुलदीप धनकड़, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों से भी इस मामले में मदद की गुहार लगाई, लेकिन अभी तक न तो पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई है।
शर्मा का कहना है की, यदि मेरे भाई की कोई गलती है तो पुलिस उसे गिरफ्तार करे और निष्पक्ष जांच करे, लेकिन बिना जांच के भगोड़ा कहना गलत है। दोनों मोबाइल नंबर बंद आने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
परिजनों का कहना है कि घर में महिलाओं व बुजुर्गों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहा है। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


