बानसूर (राजेश कुमार हाडिया)। थाना पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया, जब परिजनों से बिछुड़े एक मासूम बच्चे को महज कुछ ही घंटों में सकुशल उसके परिवार से मिलवा दिया गया। इस मानवीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है और लोग पुलिस की कार्यशैली को सराह रहे हैं।

थानाधिकारी राजेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि नई सड़क क्षेत्र में जितेंद्र सैन और दलीप सिंह को एक छोटा बच्चा घबराई अवस्था में इधर-उधर भटकता हुआ मिला। दोनों सज्जनों ने जिम्मेदारी निभाते हुए बच्चे को तुरंत पुलिस थाना बानसूर पहुंचाया। पूछताछ के दौरान बच्चे ने अपना नाम अनिल बताया तथा अपने पिता का नाम राहुल, माता का नाम इन्द्रा, दादा हरलाल और दादी कमला बताया। साथ ही उसने खुद को मुण्डावर क्षेत्र का निवासी बताया।
मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए बच्चे की पहचान और परिजनों तक सूचना पहुंचाने के प्रयास शुरू किए। सोशल मीडिया, स्थानीय संपर्क सूत्रों और अन्य माध्यमों की मदद से सूचना प्रसारित की गई, जिसका सकारात्मक परिणाम जल्द ही सामने आया। कुछ ही समय में बच्चे के परिजन थाना बानसूर पहुंच गए।
आवश्यक पुष्टि और कानूनी औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने मासूम अनिल को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में खुशी और राहत साफ नजर आई। उन्होंने बानसूर पुलिस के साथ-साथ जितेंद्र सैन और दलीप सिंह का आभार व्यक्त करते हुए इस कार्य को सराहनीय बताया।
इस अवसर पर थानाधिकारी राजेश यादव ने कहा कि पुलिस का कर्तव्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति मानवीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कोई बच्चा या व्यक्ति असहाय या भटका हुआ मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
बानसूर पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशीलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस न केवल सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि मानवता की सच्ची मिसाल भी है।



