कोटपूतली (राजेश कुमार हाडिया)। राजस्थान में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आमजन को बड़ी राहत दे रही हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 से 3 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप प्लांट पर उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे अब सोलर सिस्टम लगाना पहले से कहीं अधिक किफायती हो गया है।

योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलाकर अधिकतम 95 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जबकि राजस्थान सरकार अतिरिक्त 17 हजार रुपये का अनुदान प्रदान कर रही है।
यदि 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जाता है तो उपभोक्ताओं को लगभग 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है, जिसमें केंद्र से 33 हजार और राज्य सरकार से अतिरिक्त सहायता शामिल है। वहीं 2 किलोवाट के संयंत्र पर यह राशि बढ़कर करीब 77 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।
राज्य सरकार विशेष रूप से मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लाभ दे रही है। साथ ही सोलर प्लांट लगाने के लिए 90 प्रतिशत तक का बिना गारंटी ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अब तक प्रदेश में 1.32 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके हैं।
सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सोलर प्लांट लगवाने वाले उपभोक्ताओं को पहले मिलने वाली 100 यूनिट मुफ्त बिजली को बढ़ाकर 150 यूनिट प्रतिमाह कर दिया गया है।
जिले में भी इस योजना के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 3993.3 किलोवाट क्षमता के 1322 सोलर कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 2921 उपभोक्ताओं ने सोलर रूफटॉप लगाने के लिए सहमति दे दी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे इस विस्तार के चलते राजस्थान देश के शीर्ष 5 राज्यों में अपनी जगह बना चुका है, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



