पावटा उपजिला अस्पताल में बंद पड़ी अन्नपूर्णा रसोई, गरीब मरीजों के सामने भोजन का संकट

पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 स्थित राजकीय उपजिला अस्पताल पावटा में संचालित अन्नपूर्णा रसोई पिछले करीब चार से पांच महीनों से बंद पड़ी है। कभी मात्र 8 रुपए में गरीबों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाली यह योजना अब ताले में कैद है, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पावटा उपजिला अस्पताल में बंद पड़ी अन्नपूर्णा रसोई, गरीब मरीजों के सामने भोजन का संकट

पावटा उपजिला अस्पताल क्षेत्र का सबसे व्यस्तम सरकारी अस्पताल माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल परिसर में संचालित अन्नपूर्णा रसोई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत का बड़ा सहारा थी, लेकिन रसोई बंद होने के बाद अब मरीजों के परिजनों को थड़ी-ठेलों से चाय-बिस्कुट लेकर पेट भरना पड़ रहा है या फिर ढाबों पर महंगा भोजन खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।

उपजिला अस्पताल पावटा में बंद पड़ी अन्नपूर्णा रसोई, गरीब मरीजों के सामने भोजन का संकट

जानकारी के अनुसार नगरपालिका पावटा-प्रागपुरा के तहत संचालित इस योजना में बजट जारी नहीं होने और संचालक का भुगतान अटकने के कारण रसोई का संचालन बंद हो गया। कई माह बीत जाने के बावजूद अब तक जिम्मेदार विभागों द्वारा इसे पुनः शुरू कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

एडवोकेट देवांश सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता बलवंत सिंह ने इस समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए अन्नपूर्णा रसोई बड़ी राहत हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि योजना बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उठानी पड़ रही है। बाहर भोजन करने पर 100 से 150 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जो गरीब परिवारों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है।

उन्होंने बताया कि कई जरूरतमंद लोग ऐसे भी हैं जो आर्थिक तंगी के कारण समय पर भोजन तो दूर चाय-नाश्ता तक नहीं कर पा रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस अस्पताल में दिन-रात मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में सस्ती भोजन व्यवस्था बंद होना गंभीर जनसमस्या बन चुकी है।

स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित भुगतान शीघ्र जारी कर अन्नपूर्णा रसोई को जल्द से जल्द पुनः शुरू कराया जाए, ताकि गरीब मरीजों और उनके परिजनों को फिर से सस्ती एवं सुलभ भोजन सुविधा मिल सके।