
कोटपूतली-बहरोड़ में चार्ज अधिकारियों का गहन प्रशिक्षण सम्पन्न
कोटपूतली-बहरोड़ में शनिवार का दिन प्रशासनिक गंभीरता और राष्ट्रीय जिम्मेदारी के एहसास से भरा रहा। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जब 16वीं जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण संपन्न हुआ, तो माहौल सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि देशहित के संकल्प से ओतप्रोत दिखाई दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी ने साफ शब्दों में कहा कि जनगणना महज आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यही आंकड़े देश की नीतियों, योजनाओं और विकास की दिशा तय करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी, इसलिए तकनीकी और व्यवहारिक चुनौतियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी ग्रामीण और शहरी चार्ज अधिकारियों को समयबद्ध और त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलक्टर ने विशेष रूप से पहले चरण यानी मकान सूचीकरण पर जोर देते हुए कहा कि 1 मई से 15 मई तक निर्धारित स्वगणना अवधि में जनजागरूकता बढ़ाना सबसे अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से निभाने का आह्वान किया।
समापन सत्र में ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी बाबूलाल बैरवा ने जनगणना-2027 की पूरी डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार सभी कार्यों की निगरानी और प्रबंधन सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा और सर्किल निर्माण से लेकर प्रशिक्षण प्रबंधन तक हर प्रक्रिया पोर्टल आधारित होगी।
उप जिला जनगणना अधिकारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि निदेशालय राजस्थान जयपुर से आए मास्टर ट्रेनर मेघा शर्मा और ज्योति मीना ने प्रशिक्षण के दौरान मकान सूचिकरण, CMMS पोर्टल, HLBC वेब एप्लीकेशन और HLO मोबाइल ऐप के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के उप निदेशक सुनील कुमार मीणा, प्रोग्रामर मनोज कुमार, जुगलकिशोर सहायक प्रशासनिक अधिकारी सहित जिले के सभी ग्रामीण और शहरी चार्ज अधिकारियों ने भाग लिया।
कुल मिलाकर, यह प्रशिक्षण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस राष्ट्रीय दायित्व की तैयारी था, जिसकी नींव पर आने वाले वर्षों की विकास यात्रा तय होगी।





