कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर पुलिस थाने में पुलिसकर्मियों ने सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपने ही थाने में वर्षों से कार्यरत सफाईकर्मी की बेटियों की शादी में मायरा (भात) भरकर परिवार का सहारा बने। पुलिसकर्मियों की इस पहल से क्षेत्र में खाकी की संवेदनशील छवि सामने आई है।

जानकारी के अनुसार वाल्मीकि मोहल्ला नारायणपुर निवासी श्रीमती ललिता देवी, जो पिछले करीब 40 वर्षों से नारायणपुर थाने में सफाईकर्मी के रूप में सेवाएं दे रही हैं, उनकी बेटियां अंजु और संजु की शादी 11 मार्च 2026 को तय थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और मायरा भरने के लिए कोई भाई नहीं होने की जानकारी मिलने पर थाना स्टाफ ने आगे बढ़कर मदद करने का निर्णय लिया।

पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई (IPS) के सुपरविजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान के निर्देशन में, बानसूर वृताधिकारी मेघा गोयल और नारायणपुर थानाधिकारी रोहिताश कुमार के नेतृत्व में थाना स्टाफ ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित की। इसके बाद पुलिसकर्मी मायरे की रस्म निभाने के लिए परिवार के घर पहुंचे और 1 लाख 61 हजार रुपये नकद, दोनों बेटियों को दो सिलाई मशीनें, प्रत्येक को 5-5 जोड़ी कपड़े तथा परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी वस्त्र भेंट किए।

इस अवसर पर वृताधिकारी मेघा गोयल ने कहा कि ललिता देवी केवल थाने की कर्मचारी ही नहीं, बल्कि पुलिस परिवार का हिस्सा हैं। ऐसे में उनकी बेटियों की शादी में सहयोग करना हमारा कर्तव्य था, ताकि बेटियों की विदाई सम्मानपूर्वक हो सके।

वहीं थानाधिकारी रोहिताश कुमार ने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के सुख-दुख में साथ खड़ी रहना भी हमारी जिम्मेदारी है।

पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए इस सहयोग से ललिता देवी और उनका परिवार भावुक हो उठा। नम आंखों से उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि पुलिस थाना परिवार इस तरह उनके साथ खड़ा होकर भाई का फर्ज निभाएगा।
नारायणपुर पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है और इसे मानवता तथा सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल माना जा रहा है।



