शुक्रवार को कृषि विभाग द्वारा परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत पावटा ब्लॉक के जोधपुरा व खेलना क्षेत्र में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

शिविर में एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज से लोकेंद्र सिंह ने किसानों को जैविक खेती के लाभों एवं रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कम पानी में बेहतर खेती कैसे की जा सकती है। लोकेंद्र सिंह ने बताया कि 30 जनवरी 2026 को आयोजित इस प्रशिक्षण में लगभग 60 से 70 किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों के नुकसान को कम करना और फसलों से अधिक लाभ प्राप्त करना था। उन्होंने बताया कि जैविक व प्राकृतिक उत्पादों के उपयोग से फसलों में पानी की आवश्यकता कम होती है और पैदावार में वृद्धि होती है। खेत में वेस्ट डिकंपोजर के प्रयोग से फसल अवशेष आसानी से सड़ जाते हैं, खरपतवार की समस्या कम होती है तथा मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ती है। इन सभी विषयों पर किसानों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
प्रशिक्षक रेखा बाई यादव ने भी रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और जैव उर्वरकों के उपयोग से होने वाले फायदों की जानकारी दी। इस अवसर पर एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज द्वारा जलधारा योजना के अंतर्गत किसानों को वेस्ट डिकंपोजर का वितरण किया गया तथा इसके महत्व के बारे में समझाया गया।
प्रशिक्षण के अंत में किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाने के प्रति उत्साह व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित करने की मांग की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरज शर्मा, अंकिता प्रजापति, कृपा यादव, पिंकी कुमावत, करिश्मा शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



