
कोटपूतली किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का मामला, कोटपूतली में हुई किसान महापंचायत की बैठक

न्यूज़ चक्र, कोटपूतली। प्रस्तावित कोटपूतली–किशनगढ़ ग्रीन फ़ील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने मोरीजावाला धर्मशाला में प्रेस वार्ता कर साफ कहा कि भारत गांवों का देश है, और यदि किसान उजड़ गया तो गांव भी उजड़ जाएंगे।
उन्होंने घोषणा की कि एक्सप्रेस-वे के विरोध में जल्द ही तिरंगा चेतना रैली कोटपूतली से किशनगढ़ तक निकाली जाएगी। इसके लिए यात्रा समिति का गठन किया गया है और गांव–गांव में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जाट ने कहा कि 181 किमी लंबे प्रस्तावित मार्ग से किसानों की 6500 बीघा सिंचित भूमि अधिग्रहित होगी, जिससे न केवल गांव दो हिस्सों में बंटेंगे बल्कि आजीविका पर भी सीधा आघात पड़ेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें किसान और गांव विरोधी नीति पर काम कर रही हैं, जबकि पहले से ही 6 लेन का हाईवे चालू है। जाट ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय किसानों के लिए नहीं, बल्कि बड़े पूंजीपतियों के हित में बनाई जा रही है।
किसान महापंचायत ने 30 दिसंबर को जयपुर में अन्नदाता हुंकार रैली का भी आह्वान किया है। जाट ने चेतावनी दी कि यदि कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं रुका तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, क्योंकि खाद्य सुरक्षा से लेकर गांवों के भविष्य तक, सब कुछ इसी मिट्टी और किसान से जुड़ा है।



