कोटपूतली-बहरोड़ जिले सहित पावटा और सत्ताइसा क्षेत्र में पर्यावरणविद् एवं “नंगे पैर यात्री” के नाम से पहचान बना चुके दीप सिंह शेखावत इन दिनों जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश अनोखे अंदाज में दे रहे हैं। “पानी पेड़ प्रकृति बचाओ अभियान” और “पानी-किसानी-जवानी संवेदना यात्रा” के संयोजक व जल प्रहरी के रूप में वे अपनी टीम के साथ सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों को पर्यावरण जागरूकता से जोड़ रहे हैं।

दीप सिंह शेखावत शादी-ब्याह, तीज-त्यौहार, कन्यादान, कुआं पूजन, जलवा, भात, पेज, मायरा तथा जन्म-मरण जैसे अवसरों पर पहुंचकर पौधारोपण और पौधों का वितरण करते हैं। उनका उद्देश्य खुशी और शोक—दोनों मौकों को प्रकृति संरक्षण से जोड़कर क्षेत्र को हराभरा बनाना है। वे नंगे पैर यात्राएं कर लोगों को जल बचाने, पेड़ लगाने और प्रकृति से जुड़ने का संदेश दे रहे हैं।
हाल ही में रोहिताश ताखर, जयराम यादव, सतीश चंद्र शर्मा, मुरलीधर लील, पूरन लील, महेश लंबोरा सहित कई परिवारों के विवाह समारोह और कन्यादान कार्यक्रमों में पौधारोपण कर यह संदेश दिया गया।
इन आयोजनों में विधायक कुलदीप धनखड़, यात्रा संरक्षक किशन लाल गुरुजी, मार्गदर्शक रामेश्वर बाजिया (सेवानिवृत्त सीआई), भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश गठाला, पूर्व जिला परिषद सदस्य ललित गोयल, भाजपा नेता रामेश्वर भाटिया, यादव समाज अध्यक्ष भैरूलाल हुल्डा, मुखराम धनकड़, साधु राम यादव, सरदारमल यादव, मुकेश यादव, शंभू दयाल गुरुजी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी मौजूद रहे।
दीप सिंह शेखावत का कहना है कि बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के खतरों से बचने के लिए हर व्यक्ति को अपने जीवन के शुभ अवसरों को प्रकृति से जोड़ना होगा। उनका यह अनोखा अभियान अब क्षेत्र में एक प्रेरणा बनता जा रहा है, जहां शादी-ब्याह में पौधारोपण एक नई परंपरा के रूप में उभर रहा है।



