पावटा (राजेश कुमार हाडिया)। उपखंड क्षेत्र के प्रागपुरा कस्बे में बुधवार को पावटा उपखंड अधिकारी डॉ. साधना शर्मा ने श्रीकृष्ण गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार नजर आया तथा गौवंश के रख-रखाव की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। गौशाला में गायों के चारे व पानी की कमी के साथ स्वच्छता व्यवस्था बेहद लचर पाई गई।

निरीक्षण के क्षणों में एसडीएम ने कार्यरत कार्मिकों व मौजूद ग्रामीणों को व्यवस्थाओं में कमी के संबंध में अवगत कराया और कहा कि गौवंश की सेवा भारतीय संस्कृति का संवेदनशील हिस्सा है, ऐसे में लापरवाही किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने गौशाला में सुनियोजित तरीके से कमेटी गठन करने तथा आवश्यक सरकारी अनुदान प्राप्ति व कागजी कार्यवाही को सुचारू करने की जानकारी भी ग्रामीणों को प्रदान की।

इस अवसर पर विराटनगर उपखंड अधिकारी कपिल कुमार उपाध्याय भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने लोहड़ी व मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य में गौशाला में मौजूद गायों को गुड़- दलिया एवं अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर पुण्य कार्य की परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है जो लोकोपकार, दान-पुण्य एवं सेवा की भावना का संदेश देता है। इसी का प्रतीक गौ सेवा भी है।

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में गौशाला कमेटी अध्यक्ष भामाशाह बजरंग लाल के समय गौशाला को अनुदान मिलता था और ग्रामीणों का योगदान भी सशक्त था, किंतु कुछ समय पूर्व नयी कमेटी गठन के पश्चात तालमेल की कमी, कार्यकारिणी विवाद और अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद कागजी प्रक्रिया अधूरी रहने से सरकारी अनुदान बंद हो गया। इसके परिणामस्वरूप गौशाला में चारा व व्यवस्थाओं का संकट बढ़ा और गौवंश की स्थिति दयनीय होती चली गई।

गौशाला निरीक्षण के दौरान विक्रम यादव, लोकेश यादव, शहीद लुहार, रोशन लाल सुनार, रोहिताश यादव, विजेंद्र यादव, सुमित गुवारिया, हरिद्वारी लाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने समाधान की उम्मीद जताते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर गौशाला में पारदर्शी कमेटी गठन, अनुदान प्रक्रिया तथा सामुदायिक सहयोग बहाल हो जाए तो गौशाला की स्थिति में सुधार संभव है।



