कोटपूतली–बहरोड़ जिले में शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जयपुर से सड़क मार्ग द्वारा काठूवास जाते समय कुछ समय के लिए पावटा कस्बे के मुख्य बस स्टैंड स्थित पुलिया ऊपर डाकघर के सामने रुके। उनके आगमन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत-अभिनंदन किया। इस दौरान नारेबाजी होने पर गहलोत ने समर्थकों से संयम बनाए रखने और शालीनता बरतने की अपील की।

इस अवसर पर नेशनल हाईवे-48 के 75 मीटर भूमि अधिग्रहण आदेश के विरोध में क्षेत्रवासियों, व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहलोत से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अधिग्रहण प्रक्रिया में संशोधन की मांग रखते हुए स्थानीय हितों की रक्षा का आग्रह किया।
जानकारी के अनुसार, गहलोत नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए काठूवास जा रहे थे। टीकाराम जूली की माता चलती देवी का 95 वर्ष की आयु में सवाई मानसिंह अस्पताल में निधन हो गया था। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर व्याप्त है। अंतिम संस्कार अलवर जिले के पैतृक गांव काठूवास में किया गया।
पावटा प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे और हालिया भाषण पर भी पत्रकार बंधुओं को प्रतिक्रिया दी। गहलोत ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विधानसभा चुनाव के दौरान जनकल्याणकारी योजनाएं बंद न करने के वादे की याद दिलाई थी। उनका आरोप था कि राजस्थान की कई लोकहितकारी योजनाओं को सीमित या बंद किया जा रहा है, जबकि पूर्व में इन्हें जारी रखने का आश्वासन दिया गया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा त्याग, बलिदान और सर्वधर्म समभाव पर आधारित है तथा पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। गहलोत ने यह भी कहा कि चुनावी परिणाम अलग विषय हो सकते हैं, लेकिन देश की मूल भावना समावेशिता और सामाजिक न्याय की है।
इस दौरान राज्यमंत्री उर्मिला योगी, जगदीश मीणा, मिथलेश टांक, बजरंग यादव (फतेहपुरा), रामावतार टेपन, विकास यादव (यूथ कांग्रेस), अजय यादव, रिजवान कुरेशी, रामसिंह भाटोटिया, प्रहलाद यादव, विक्रम मीणा, महेंद्र राजपुरोहित, छीतरमल सैनी सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


