पावटा कस्बे निवासी डॉ. उपेन्द्र भारद्वाज को डॉ. एस. आर. राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर से पीएचडी (आयुर्वेद) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान के शल्य तंत्र विभाग से अपना शोध कार्य पूर्ण किया।

डॉ. भारद्वाज ने “अवबाहुक (फ्रोजन शोल्डर) के प्रबंधन में विद्धकर्म एवं अग्निकर्म की प्रभावशीलता का तुलनात्मक नैदानिक अध्ययन” विषय पर शोध किया। इस शोध में अवबाहुक यानी फ्रोजन शोल्डर रोग के उपचार में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा पद्धतियों विद्धकर्म और अग्निकर्म की प्रभावशीलता का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है।
यह शोध कार्य स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान, जोधपुर के शल्य तंत्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विष्णु दत्त शर्मा के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ। शोधार्थी ने अपने अध्ययन के निष्कर्ष विश्वविद्यालय में प्रस्तुत कर पीएचडी शोध प्रबंध जमा कराया।
डॉ. उपेन्द्र भारद्वाज को पीएचडी की उपाधि मिलने पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, सहपाठियों, मित्रों, परिजनों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


