कस्बे के राजकीय उपजिला चिकित्सालय पावटा में रक्त जांच व्यवस्था को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। प्रागपुरा निवासी राजेश कुमार हाडिया ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में करवाई गई उनकी कई महत्वपूर्ण रक्त जांचों की रिपोर्ट अधूरी दी गई, जिससे अस्पताल की जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार हाथ-पैरों में दर्द और बुखार की समस्या के चलते राजेश कुमार हाडिया उपचार के लिए राजकीय उपजिला अस्पताल पावटा पहुंचे थे।

यहां अस्पताल के पीएमओ एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि बंसल द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण के बाद CBC, LFT, RFT, Ca-2, Mg, Vitamin B-12, Vitamin D3, TSH तथा HbA1c सहित कई प्रकार की रक्त जांच लिखी गईं। मरीज के अनुसार अस्पताल से उनके रक्त नमूने जांच के लिए कृष्णा लेबोरेटरी के माध्यम से राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल कोटपूतली भेजे गए, लेकिन बाद में निर्धारित जांचों में से केवल कुछ ही जांचों की रिपोर्ट उपलब्ध करवाई गई, जबकि अन्य महत्वपूर्ण जांचों की रिपोर्ट नहीं दी गई।
जब इस संबंध में अस्पताल स्टाफ से जानकारी ली गई तो बारकोड में त्रुटि होने की बात कही गई। हालांकि मरीज का कहना है कि यदि बारकोड में त्रुटि होती तो किसी भी जांच की रिपोर्ट नहीं आती, ऐसे में केवल कुछ ही रिपोर्ट मिलना संदेह पैदा करता है। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में कई जांचें निजी लैब को ठेका प्रणाली के माध्यम से करवाई जा रही हैं, जहां कार्यरत कर्मचारियों को कम मानदेय पर रखा गया है। इससे जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता और पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
राजेश कुमार हाडिया ने कहा कि वे एक पत्रकार है और पत्रकारों को ही सरकारी अस्पताल में इस प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो आमजन की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मरीजों को समय पर पूर्ण जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़ा करता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।



