बहुजन समाज के महानायक एवं सामाजिक न्याय के प्रखर योद्धा कांशीराम की जयंती के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार हाडिया ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उनके विचारों को आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर राजेश कुमार हाडिया ने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब ने अपना संपूर्ण जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बहुजन समाज को केवल अधिकारों के प्रति जागरूक ही नहीं किया, बल्कि उन्हें संगठित होकर सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग भी दिखाया।
हाडिया ने कहा कि कांशीराम साहब ने देश में बहुजन आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष का मंत्र दिया। इसी सोच को साकार करने के लिए उन्होंने “बहुजन समाज पार्टी” की स्थापना कर बहुजन समाज को एक सशक्त राजनीतिक मंच प्रदान किया, जिसने वंचित वर्गों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब का “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” का संदेश आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उनके विचारों ने लाखों युवाओं को आत्मसम्मान, शिक्षा और सामाजिक चेतना के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
राजेश कुमार हाडिया ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे कांशीराम साहब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता को बढ़ावा दें, ताकि एक समतामूलक, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज की स्थापना हो सके। उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि बहुजन समाज के स्वाभिमान, जागरूकता और परिवर्तन के प्रतीक थे। उनके संघर्ष, विचार और दूरदर्शिता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।



