कोटपूतली (राजेश कुमार हाडिया)। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नगरपालिका पावटा-प्रागपुरा शहरी क्षेत्र के प्रागपुरा में इन दिनों निराश्रित गौवंशों की बढ़ती संख्या आमजन के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। बाजारों, मुख्य सड़कों और आवासीय इलाकों में खुलेआम घूम रहे सांड व अन्य पशु न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं, बल्कि आए दिन दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं।

सोमवार को सुभाष चौक पर एक राहगीर की मोटरसाइकिल के सामने अचानक सांड आ जाने से वह संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिरकर घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे उठाकर सहायता पहुंचाई। वहीं मंगलवार को मुख्य बाजार स्थित गोगाजी मंदिर के पास दो सांड आपस में भिड़ गए और काफी देर तक बाजार में दौड़ते-भागते रहे।

करीब एक घंटे तक चले इस घमासान के चलते मुख्य मार्ग जाम हो गया और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अंततः दोनों सांड थककर अलग हुए, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे के मुख्य बाजार, एक्सईएन कार्यालय, होली चौक सहित कई क्षेत्रों में आवारा पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।
ये पशु अचानक सड़कों पर आ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को संभलने का मौका नहीं मिलता और हादसे बढ़ते जा रहे हैं। बीते दिनों भी कई दोपहिया वाहन चालक इनकी चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। गंभीर बात यह है कि पूर्व में जामा मस्जिद के पास एक सांड के हमले में 9 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त शिक्षक सम्पत सिंह ब्रजेश की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
व्यापारियों ने भी चिंता जताते हुए बताया कि आवारा पशु दुकानों के आगे खड़े होकर ग्राहकों को परेशान करते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही ये पशु कचरे में मुंह मारकर गंदगी फैलाते हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था भी चरमरा रही है।
शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से आमजन में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।



