कोटपूतली (राजेश कुमार हाडिया)। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मंगलवार को घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम ने जहां प्रदेशभर में खुशियों की लहर दौड़ा दी, वहीं श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र के 7 KND गांव में एक परिवार के लिए यह परिणाम खुशी के साथ गहरे दुख का कारण बन गया।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 7 KND की प्रतिभाशाली छात्रा नकिता ने कला वर्ग में 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया और अपने गांव व विद्यालय का नाम रोशन किया। लेकिन विडंबना यह रही कि अपनी इस शानदार सफलता को देखने के लिए वह इस दुनिया में नहीं रही।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार ने बताया कि नकिता बेहद मेधावी, अनुशासित और शांत स्वभाव की छात्रा थी। वह बड़े सपने संजोए हुए थी और पढ़ाई के प्रति पूरी तरह समर्पित थी। लेकिन पीलिया और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों ने अचानक उसे अपनी चपेट में ले लिया। परिजनों ने बीकानेर के अस्पतालों में उसका इलाज करवाया, लेकिन 20 मार्च को उसने जिंदगी की जंग हार दी।
मंगलवार को जब परीक्षा परिणाम घोषित हुआ और नकिता के 93.80% अंक सामने आए, तो घर में खुशी की जगह मातम छा गया। मां चरणजीत कौर की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरी बेटी दिन-रात मेहनत करती थी। उसने अपना सपना पूरा कर दिखाया, लेकिन आज वह इसे देखने के लिए हमारे बीच नहीं है।”
गरीब मजदूर पिता मंगल सिंह के लिए भी यह पल गर्व और पीड़ा का संगम बन गया। बेटी की सफलता ने जहां सिर गर्व से ऊंचा किया, वहीं उसकी अनुपस्थिति ने परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया।
नकिता की इस उपलब्धि ने पूरे विद्यालय और क्षेत्र को भावुक कर दिया है। शिक्षक और सहपाठी उसे एक प्रेरणादायक छात्रा के रूप में याद कर रहे हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए पढ़ाई करती थी। आज उसकी खाली बेंच और उत्कृष्ट अंकपत्र हर किसी को उसकी कमी का एहसास करा रहे हैं।


