कोटपूतली-बहरोड़ जिले में धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों, विवाह समारोहों, जुलूसों एवं अन्य आयोजनों में डीजे, लाउडस्पीकर और पटाखों के अनियंत्रित उपयोग से बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। आमजन के स्वास्थ्य, शांति एवं कानून व्यवस्था पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने तत्काल प्रभाव से सख्त आदेश जारी किए हैं।

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर, डीजे, साउंड सिस्टम या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल विधि द्वारा अनुमत विशेष परिस्थितियों में ही छूट दी जा सकेगी।
किसी भी सार्वजनिक या निजी कार्यक्रम में ध्वनि उपकरणों का उपयोग संबंधित उपखंड अधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। साथ ही सभी आयोजनों में निर्धारित ध्वनि सीमा (डेसीबल लिमिट) का पालन अनिवार्य किया गया है। आवासीय क्षेत्रों, विद्यालयों, अस्पतालों, न्यायालयों और साइलेंस जोन में नियमों के विरुद्ध शोर पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।
डीजे और उच्च ध्वनि उत्पन्न करने वाले साउंड सिस्टम का उपयोग केवल निर्धारित समय और शर्तों के अंतर्गत ही संभव होगा। प्रतिबंधित समय में डीजे बजाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। इसके अतिरिक्त अवैध एवं प्रतिबंधित पटाखों के विक्रय और उपयोग पर भी पूर्ण रोक लगाई गई है। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी उपखंड अधिकारी, पुलिस विभाग, नगर निकाय एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय से नियमित निगरानी करेंगे। नियमों की अवहेलना करने पर ध्वनि उपकरण जब्त किए जाएंगे तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 एवं अन्य प्रचलित कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे स्वेच्छा से ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।



