नीमराना कस्बे में घर के बाहर खेल रहे दो साल के मासूम का अपहरण करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 40 घंटे में बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां थाना क्षेत्र में एक मंदिर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से त्रिशूल और श्रृंगार का सामान मिलने के बाद पुलिस को आशंका है कि वह बच्चे का अपहरण नरबलि देने के इरादे से कर सकता था। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि के लिए पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

कोटपूतली-बहरोड़ के एसपी सतवीर सिंह के अनुसार, 18 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:45 बजे नीमराना थाना क्षेत्र से दो साल के बच्चे के लापता होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे की तलाश शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी बाइक सवार एक व्यक्ति उसे अपने साथ बिठा ले गया।

मासूम के अपहरण की गंभीरता को देखते हुए नीमराना एडिशनल एसपी सुरेश खींची और डीएसपी कृष्ण यादव के नेतृत्व में आठ पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। करीब 350 कैमरों की जांच के दौरान एक फुटेज में बच्चा बाइक पर एक अज्ञात व्यक्ति के साथ जाता दिखाई दिया।

फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का पीछा किया। जांच के दौरान पुलिस टीमों को पता चला कि आरोपी बच्चे को लेकर दिल्ली रोड की ओर गया था। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश करते हुए उत्तर प्रदेश के मथुरा तक पहुंच बनाई। आखिरकार कोसीकलां थाना क्षेत्र में एक मंदिर के पास आरोपी को पकड़कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विवेक कुमार निवासी सासाराम, जिला रोहतास (बिहार), सबसे पहले अजमेर पहुंचा था। वहां उसने क्लॉक टावर थाना क्षेत्र से कथित तौर पर एक बाइक चुराई और एक बच्चे के अपहरण का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद वह जयपुर जिले के शाहपुरा की ओर निकल गया।
शाहपुरा में बाइक का पेट्रोल खत्म होने पर आरोपी ने कथित तौर पर चोरी की बाइक छोड़ दी और दूसरी बाइक चुरा ली। इसी बाइक से वह नीमराना पहुंचा। यहां घर के बाहर खेल रहे दो साल के बच्चे को अकेला देखकर उसे बाइक पर बैठाया और फरार हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करीब 150 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के थैले से त्रिशूल और श्रृंगार का सामान बरामद हुआ है। इन वस्तुओं के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आरोपी दशहरे पर बच्चे की नरबलि देने की योजना बना रहा था। हालांकि, इस संबंध में आरोपी की मंशा और कथित योजना की पुष्टि जांच तथा पूछताछ के बाद ही हो सकेगी।
बच्चे के पिता मध्य प्रदेश के निवासी हैं और नीमराना में पिछले करीब दस वर्षों से रहकर पानी-पताशे का काम करते हैं। घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल था। बच्चे की सकुशल बरामदगी से परिजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और अपहरण के पीछे के उद्देश्य, कथित नरबलि की आशंका तथा अन्य संभावित आपराधिक गतिविधियों की जांच में जुटी है। पुलिस की इस कार्रवाई में सीसीटीवी फुटेज और विभिन्न टीमों के बीच समन्वय की अहम भूमिका रही।