पावटा क्षेत्र के प्रागपुरा में भरतरी महाराज के मेले और भंडारे का आयोजन

भाद्रपद अष्टमी के पावन अवसर पर शनिवार को प्रागपुरा कस्बे की ढाणी मोडाला स्थित प्राचीन भरतरी महाराज मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा भर्तृहरि सेवा समिति मंडल के तत्वावधान में ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से विशाल मेला, देशी घी का भंडारा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई।

पावटा क्षेत्र के प्रागपुरा में भरतरी महाराज के मेले और भंडारे का आयोजन
पावटा क्षेत्र के प्रागपुरा में भरतरी महाराज के मेले और भंडारे का आयोजन

श्रद्धालुओं ने बाबा भरतरी महाराज के दरबार में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की और मनोकामना की। मंदिर परिसर में दिनभर ‘भरतरी महाराज की जय’ के जयकारे गूंजते रहे। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर देशी घी से तैयार महाप्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि भाद्रपद अष्टमी पर मंदिर परिसर में मेला एवं भंडारा आयोजित करने की परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है। इस बार भी ग्रामवासियों ने सामूहिक सहयोग से आयोजन को सफल बनाया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।

पावटा क्षेत्र के प्रागपुरा में भरतरी महाराज के मेले और भंडारे का आयोजन
पावटा क्षेत्र के प्रागपुरा में भरतरी महाराज के मेले और भंडारे का आयोजन

मंदिर के पुजारी सोहन लाल ने बताया कि अलवर के प्रसिद्ध भरतरी धाम के बाद कोटपूतली-बहरोड़ जिले में प्रागपुरा की ढाणी मोडाला स्थित भरतरी महाराज मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाद्रपद अष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन में हर वर्ष श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि मेले और भंडारे का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ लोगों को एक मंच पर लाना और समाज में आपसी भाईचारे एवं सद्भाव की भावना को बढ़ावा देना भी है।

ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित कार्यक्रम ने धार्मिक उत्सव के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में पुजारी सोहन लाल, बलराम सैनी, राजू सैनी, रामकरण सैनी, छोटूराम सैनी, बबलू सैनी, रोहिताश सैनी, मुकेश सैनी, लालचंद सैनी, शशिकांत, हनूमान सैनी, फल्लूराम सैनी, रामजीलाल सैनी, महेन्द्र, विपिन एवं पूरण मल सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने भरतरी महाराज के जयकारे लगाए और पंगत में बैठकर महाप्रसाद ग्रहण किया।

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