पावटा में मोक्षधाम के पास दिखा लकड़बग्घा, शोर मचाने पर बाजरे की फसल में भागा

कस्बे के रिहायशी क्षेत्र से सटे श्रीकृष्ण गौशाला पावटा स्थित मोक्षधाम एरिया और सरकारी कॉलेज मार्ग पर गुरुवार रात लकड़बग्घा (जरख) दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। रात के अंधेरे में खेतों के बीच जंगली जानवर की मौजूदगी से आसपास की ढाणियों में रहने वाले लोग सहम गए।

पावटा में मोक्षधाम के पास दिखा लकड़बग्घा, शोर मचाने पर बाजरे की फसल में भागा
पावटा में मोक्षधाम के पास दिखा लकड़बग्घा, शोर मचाने पर बाजरे की फसल में भागा

घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टॉर्च की रोशनी पड़ने पर जानवर खेतों की ओर भागता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ ग्रामीण रात में खेतों से काम निपटाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक उन्हें जरख नजर आया। ग्रामीणों ने घबराने के बजाय शोर मचाया, जिसके बाद लकड़बग्घा बाजरे की खड़ी फसल की ओर भाग गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।

पावटा में मोक्षधाम के पास दिखा लकड़बग्घा, शोर मचाने पर बाजरे की फसल में भागा
पावटा में मोक्षधाम के पास दिखा लकड़बग्घा, शोर मचाने पर बाजरे की फसल में भागा

घटना के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है। वीडियो में अंधेरे के बीच टॉर्च की रोशनी में जंगली जानवर खेत की ओर जाता नजर आ रहा है। इसके बाद आसपास के ग्रामीण रात के समय खेतों और सुनसान रास्तों पर जाने से बच रहे हैं। रिहायशी क्षेत्र के नजदीक लकड़बग्घे की मौजूदगी की सूचना ग्रामीणों ने वन नाका पावटा और प्रागपुरा थाना पुलिस को दी।

सूचना पर बुचारा सहायक नाका प्रभारी मीर सिंह, वनरक्षक कमल सिंह, पृथ्वी सिंह और वन रक्षक दिनेश कुमार मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने आसपास के खेतों में तलाश की, जबकि प्रागपुरा थाना पुलिस ने भी मौके की स्थिति पर नजर रखी।

बुचारा सहायक नाका प्रभारी मीर सिंह के अनुसार मौके से लकड़बग्घे के पगमार्क लिए गए हैं और उनकी जांच के आधार पर जानवर के लकड़बग्घा होने की पुष्टि की गई है। ग्रामीणों के अनुसार अंधेरे का फायदा उठाकर वह बाजरे की खड़ी फसल में चला गया, जिसके बाद उसकी तलाश जारी रही।

ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाकर लकड़बग्घे को सुरक्षित रेस्क्यू करने की मांग की है। उनका कहना है कि कस्बे के नजदीक जंगली जानवर की मौजूदगी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना या जनहानि की आशंका को समय रहते टाला जा सके।

वन विभाग के कार्मिकों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा जरख दोबारा दिखाई देने पर तत्काल पावटा वन नाके को सूचना देने की अपील की है।

Author