साइबर क्राइम पुलिस थाना कोटपूतली-बहरोड़ ने इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को राहत दिलाई है। प्रकरण संख्या 13/2026 में करीब 37 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने तकनीकी एवं वित्तीय जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से करीब 10 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करवाए हैं। इनमें से करीब 3 लाख रुपये की राशि बरामद कर नियमानुसार पीड़ित के बैंक खाते में वापस जमा करवाई गई है।

जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोटपूतली नाजिम अली खान (आरपीएस) के निर्देशन तथा साइबर क्राइम उप पुलिस अधीक्षक निर्मला पांडिया (आरपीएस) के निकटतम पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस की टीम ने प्रकरण में कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार तकनीकी एवं वित्तीय जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर टीम ने हैदराबाद स्थित स्थानीय साइबर पुलिस थाना के सहयोग से संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध कार्रवाई की। पुलिस ने फ्रॉडस्टर के खाते से करीब 3 लाख रुपये की ठगी की राशि बरामद की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह राशि पीड़ित के बैंक खाते में जमा करवाई गई।
पुलिस के मुताबिक प्रकरण में अब तक करीब 10 लाख रुपये की राशि होल्ड करवाई जा चुकी है। पुलिस द्वारा बैंकिंग लेन-देन, लाभार्थी खातों तथा उपलब्ध अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों तथा ठगी की शेष राशि के संबंध में भी जांच जारी है।
प्रकरण में धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान या संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड अथवा इंस्टॉल नहीं करें तथा मोबाइल में ऑटो-डाउनलोड सुविधा बंद रखें।
व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया के जरिए आने वाले संदिग्ध लिंक अथवा फाइल पर क्लिक करने से बचें। पुलिस ने निवेश के नाम पर अधिक ब्याज, कम समय में अत्यधिक मुनाफा या असामान्य रिटर्न का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने और निवेश से पहले संबंधित कंपनी या संस्था की वैधता एवं विश्वसनीयता की जांच करने की सलाह दी है।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। पुलिस के अनुसार समय पर सूचना मिलने से ठगी की राशि को होल्ड करवाने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है। इस कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना के कांस्टेबल देशराज की विशेष भूमिका रही।