दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बसे ऐतिहासिक कस्बे प्रागपुरा में इस वर्ष भी दो दिवसीय होली पर्व परंपरागत श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया। लगभग 30 हजार की आबादी वाले इस कस्बे की विशेष पहचान यह है कि यहां सम्पूर्ण ग्रामवासी एक ही स्थान अम्बेडकर नगर स्थित एक्सईएन कार्यालय के पास होली चौक पर सामूहिक रूप से होलिका दहन करते हैं।

यह परंपरा वर्षों से सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक बनी हुई है। दिनभर होलिका स्थल पर महिलाओं की आवाजाही बनी रही। मंगल गीतों की गूंज के बीच महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कर परिक्रमा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घरों में बनाए गए पारंपरिक बड़कूले होलिका को अर्पित किए गए। नवविवाहित जोड़ों ने धोक लगाकर आशीर्वाद लिया।

प्रागपुरा में होली के अवसर पर मेले जैसा वातावरण रहा। विभिन्न स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे, जहां बच्चों और युवाओं की चहल-पहल देखी गई। पारंपरिक व्यंजन, खिलौने और घरेलू सामान की दुकानों पर देर शाम तक रौनक रही। शाम ढलते ही ढफ और चंग की थाप पर लोग झूम उठे।

सैकड़ों ग्रामीण बड़े बांस और डंडों में जौ की बाल बांधकर लाए और होलिका की जलती लौ में सेंककर नई फसल की समृद्धि का प्रतीक माना। यह परंपरा कृषि संस्कृति से जुड़ी आस्था को दर्शाती है। रात्रि करीब डेढ़ बजे मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन किया गया। भक्तों ने जलती अग्नि के समक्ष सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने जल अर्पित कर व्रत का पारण किया।
होलिका दहन का पर्व भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह त्योहार हमें विश्वास, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। अम्बेडकर कॉलोनी के सामने श्रद्धालुओं के लिए मीठे पानी की छबील लगाई गई, जहां ठंडा शर्बत और रूपजा का मीठा पानी वितरित किया गया।
होली व धूलंडी के त्यौहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस थाना प्रागपुरा के नेतृत्व में नगरपालिका पावटा-प्रागपुरा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। थानाप्रभारी भजनाराम दिनभर गश्त कर व्यवस्थाओं पर नजर रखते रहे।
पावटा कस्बे में भी सुभाष चौक और गंगा माता मंदिर स्थित होली चौक पर श्रद्धा और उत्साह के साथ होलिका दहन किया गया। यहां भी सुबह से ही मेले जैसा माहौल रहा और महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की।



