पावटा की हंस कॉलेज में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला स्तरीय दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन

राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की ओर से जिला स्तरीय दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन पावटा स्थित हंस कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता बाबा भरतदास आश्रम बगीची टोरडा धाम के महंत मंगलदास महाराज ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन पदाधिकारियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

पावटा की हंस कॉलेज में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला स्तरीय दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन
पावटा की हंस कॉलेज में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला स्तरीय दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन

अध्यक्षीय संबोधन में महंत मंगलदास महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यालयों में आध्यात्मिक, नैतिक एवं संस्कार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में संस्कार और नैतिक मूल्यों की कमी का असर समाज पर भी दिखाई देता है। शिक्षा व्यवस्था में इन विषयों को प्रभावी रूप से शामिल करने से बच्चों के व्यक्तित्व का बेहतर निर्माण किया जा सकता है।

पावटा की हंस कॉलेज में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला स्तरीय दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन
पावटा की हंस कॉलेज में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का जिला स्तरीय दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन

मुख्य अतिथि अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पावटा सुरेश चंद कसाणा ने कहा कि शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़कर अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता प्रदेश संयुक्त मंत्री सुरेश चंद यादव ने कहा कि शिक्षक का प्रथम दायित्व विद्यार्थियों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित होता है और शिक्षकों के सामने कई चुनौतियां खड़ी होती हैं।

इस दौरान लक्ष्मीनारायण स्वामी ने शिक्षकों के अधिकार एवं कर्तव्य, विद्यालयों में घटते नामांकन, शिक्षक स्व-आचार संहिता तथा सामाजिक हित से जुड़े कार्यों सहित विभिन्न विषयों पर विचार रखे।

सम्मेलन में प्रदेश संरक्षक मंडल सदस्य बसंत कुमार शर्मा, कोटपूतली-बहरोड़ जिलाध्यक्ष एवं स्वागताध्यक्ष विजय कुमार सैनी, प्रधानाचार्य धर्मराज धीरज, पूरणमल यादव, सतीदान यादव, भूपेंद्र सिंह एवं हंस कॉलेज पावटा के निदेशक पंकज बंसल सहित अन्य अतिथियों और पत्रकारों का माला, साफा पहनाकर तथा प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।

वहीं सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे महंत मंगलदास महाराज का माला, शॉल एवं दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया गया। सम्मेलन संयोजक अमीचंद स्वामी, सह संयोजक रामसिंह यादव एवं कोषाध्यक्ष बलवीर मीणा ने अतिथियों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। जिला कोषाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद सैनी ने मंच संचालन किया।

दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन में जिलेभर से करीब 200 शिक्षक शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक हित, विद्यार्थियों के नामांकन, शिक्षकों के दायित्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। सम्मेलन का समापन समारोह 19 सितंबर 2026 को सुबह 10:15 बजे हंस कॉलेज पावटा में आयोजित होगा।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि संरक्षक सदस्य उमेश चंद्र टॉक होंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में बाबूलाल वर्मा, कैलाश चंद गुर्जर, रामावतार शर्मा, जयराम वर्मा एवं रोहिताश कुमार यादव मौजूद रहेंगे। समापन समारोह में रामेश्वर प्रसाद सैनी मुख्य वक्ता तथा अमीचंद स्वामी स्वागताध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे।

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