पावटा की नीतिका शर्मा ने आरपीएससी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में हासिल की 37वीं रैंक

पावटा कस्बे कि नीतिका शर्मा ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित सहायक प्रोफेसर परीक्षा-2023 के इतिहास विषय में 37वीं रैंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। नीतिका के चयन की खबर मिलते ही परिवार, शिक्षकों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

पावटा की नीतिका शर्मा ने आरपीएससी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में हासिल की 37वीं रैंक
पावटा की नीतिका शर्मा ने आरपीएससी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में हासिल की 37वीं रैंक

नीतिका शर्मा की शैक्षणिक उपलब्धियों का सफर भी बेहद शानदार रहा है। उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय पावटा से शिक्षा प्राप्त करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद एलबीएस पीजी महाविद्यालय, कोटपूतली से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और महाविद्यालय की टॉपर रहीं। इतिहास विषय के प्रति अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की तथा गोल्ड मेडलिस्ट सूची में स्थान बनाया।

पावटा की नीतिका शर्मा ने आरपीएससी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में हासिल की 37वीं रैंक
पावटा की नीतिका शर्मा ने आरपीएससी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में हासिल की 37वीं रैंक

नीतिका ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी उपलब्धियों का सिलसिला जारी रखा और मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर में इतिहास विषय में अपनी पीएचडी शोध प्रबंध भी जमा किया है। अब आरपीएससी सहायक प्रोफेसर परीक्षा में 37वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा का एक और प्रमाण प्रस्तुत किया है।

अपनी सफलता पर नीतिका शर्मा ने इसका श्रेय अपने पिता दिलीप शर्मा, माता सुमन शर्मा, गुरुजनों, रिश्तेदारों तथा विराटनगर में रहने वाले अपने परिवारजनों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और गुरुजनों से मिले निरंतर प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन ने लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नीतिका की सफलता से परिवार में विशेष खुशी का माहौल है। उनकी बड़ी बहन भी राम मनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार की दोनों बेटियों की उपलब्धियों ने परिजनों और परिचितों का गौरव बढ़ाया है। नीतिका शर्मा की सफलता को क्षेत्र के लिए भी प्रेरणादायी उपलब्धि माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों एवं शिक्षाविदों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के बल पर विद्यार्थी अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

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