नगरपालिका पावटा-प्रागपुरा के 45 वार्डों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बोर्ड गठन और चेयरमैन पद बन गया है। कांग्रेस ने 22 वार्डों में जीत दर्ज कर सबसे बड़े दल के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है, हालांकि बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटों से वह अभी एक कदम दूर है।

भाजपा के 16 तथा निर्दलीय प्रत्याशियों के 7 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में बोर्ड गठन के लिए एक निर्दलीय पार्षद की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी राजनीतिक परिदृश्य के बीच वार्ड संख्या 20 से कांग्रेस प्रत्याशी सोमवती मीणा की सामान्य सीट पर हुई जीत ने चेयरमैन पद को लेकर उनके नाम को भी चर्चा में ला दिया है।

सोमवती मीणा पावटा कस्बे की निवासी हैं और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व जिला पार्षद जगदीश मीणा की धर्मपत्नी हैं। सोमवती मीणा पूर्व में पंचायत समिति सदस्य रह चुकी हैं तथा विराटनगर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रधान पद का चुनाव भी लड़ चुकी हैं।

अब नगरपालिका पावटा-प्रागपुरा के वार्ड 20 से सामान्य सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने स्थानीय राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। नगरपालिका चुनाव में सामान्य सीट से महिला प्रत्याशी के रूप में सोमवती मीणा की जीत को स्थानीय राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने और चेयरमैन पद के लिए होने वाले आगामी चुनाव के मद्देनजर उनके नाम को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि चेयरमैन पद को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस संगठन और निर्वाचित पार्षदों के बीच बनने वाले राजनीतिक समीकरणों के बाद ही स्पष्ट होगा।
सोमवती मीणा के राजनीतिक एवं सामाजिक संपर्कों के साथ उनके परिवार की कांग्रेस संगठन में सक्रियता को भी इस चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके पति जगदीश मीणा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव एवं पूर्व जिला पार्षद हैं तथा कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्हें कोटपूतली-बहरोड़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक इन्द्रराज गुर्जर सहित प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के करीबी माना जाता है।
जगदीश मीणा समय-समय पर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेते रहे हैं। इनमें वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, नेत्र जांच एवं नेत्र चिकित्सा शिविर सहित अन्य सामाजिक कार्यक्रम शामिल हैं। इन गतिविधियों में उनकी पत्नी सोमवती मीणा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा परिवार के सदस्यों की भी सहभागिता रहती है। इसके चलते मीणा परिवार की क्षेत्र में सामाजिक सक्रियता भी चर्चा में रही है।
चुनाव परिणामों में कांग्रेस के 22, भाजपा के 16 और निर्दलीयों के 7 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। 45 सदस्यीय नगरपालिका में बहुमत का आंकड़ा 23 है। कांग्रेस को बहुमत के लिए अब एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का रुख बोर्ड गठन और चेयरमैन चुनाव के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस बोर्ड गठन के लिए जरूरी 23 का आंकड़ा कैसे पूरा करती है और चेयरमैन पद के लिए पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताती है। इसी क्रम में वार्ड 20 की विजेता सोमवती मीणा का नाम स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आ रहा है।